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हुसैनाबाद में फर्जी आईएएस को असली आईएएस ने पकड़ा, पुलिस ने भेजा जेल

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हुसैनाबाद में फर्जी आईएएस को असली आईएएस ने पकड़ा, पुलिस ने भेजा जेल
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  • उड़ीसा कैडर बताकर एक जमीन मामले में पैरवी किया था
  • फर्जी आईएएस–सीएओ बनकर घूम रहा था ठग, हुसैनाबाद पुलिस ने किया गिरफ्तार

एबीएन न्यूज नेटवर्क, हुसैनाबाद/पलामू। हुसैनाबाद थाना में खुद को 2014 बैच का ओडिशा कैडर आईएएस व सीएओ बताकर अफसरों को गुमराह करने वाला व्यक्ति पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पकड़ा गया आरोपी व्यक्ति की पहचान राजेश कुमार उर्फ राजेश चौधरी उम्र 35 वर्ष बताया गया है, जो हैदरनगर थाना क्षेत्र के  कुकही गांव का निवासी है।

तलाशी में फर्जी पुलिसिया जाँच में उक्त व्यक्ति के पास से कई कागजात जैसे आईपीटीएएफएस आईडी कार्ड, मोबाइल, कोचिंग आईडी और कार पर लगा भारत सरकार, सीएओ दूरसंचार विभाग लिखा नकली नेम बोर्ड, लाइब्रेरी कॉर्ड, चाणक्या आईएएस एकेडमी का आईडी, एक ग्रे रंग की हुंडई कार आदि बरामद हुआ है।

इधर, इस मामले में हुसैनाबाद थाना कांड संख्या 01/26 (दिनांक 02.01.26) दर्ज कर आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। बता दें कि उक्त फर्जी अफसर राजेश कुमार के पिता सेवानिवृत्त शिक्षक रहे हैं, जिनका मृत्यु दो वर्ष पूर्व हो गया है। वह घर से माता पिता से आईएएस की तैयारी करने के लिए बाहर में पढ़ाई करता था।

जो कि तीन बार यूपीएससी की पिटी परीक्षा भी दिया है 2014 में पिटी की परीक्षा में पास होने की चर्चा क्षेत्र में फैल गयी थी। तब से सब लोग यही सुनते व जानते थे कि राजेश आईएएस के परीक्षा निकाल कर उड़ीसा में टेलीकॉम कंपनी में बड़े पोस्ट पर अधिकारी है। गांव में हाव भाव भी अधिकारी जैसा बनाकर कभी कभार आता जाता था। 

लेकिन फिलहाल किसी अपने नजदीकी व्यक्ति के एक जमीन विवाद में कुछ मामले को लेकर कुछ दिन पूर्व हुसैनाबाद थाना पंहुचा और थाना प्रभारी सोनू कुमार चौधरी से अपने को आईएएस अफसर बता कर उस मामले में पैरवी की। थाना अधिकारी आईएएस नाम सुन कर आवभगत भी की। इसके बाद उक्त अनुमण्डल पुलिस अधीक्षक आईपीएस एस मोहम्मद याकूब के चेम्बर में गया और उन्हें भी अपना परिचय आईएएस अधिकारी का दिया। 

लेकिन आईपीएस निकले असली और उन से बातो बातो में कैडर कोड पूछ दिया। फिर क्या? उक्त व्यक्ति अपने बातो फंस कर झूठ बोलना सुरु कर दिया पुलिस ने टीम गठन कर उसके मोबाइल डीटेल्स व अन्य स्रोत से पता लगाया लेकिन सत्यापन नही हो पाया। उसके आधार पर पुलिस ने एसडीपीओ ने उन्हें गिरफ्तार कर पूछताछ की, जिसमें उन्होंने खुद स्वीकार किया कि मैं आईएएस नही हूं।

पिता व घर के लोगो के सम्मान बचाने व रुतबा कायम करने के लिए ये सब कार्य को करता हूँ। प्रेसवार्ता में एसडीपीओ सह आईपीएस एस. मोहम्मद याकूब थाना प्रभारी सोनू कुमार चौधरी ने किया। देवरी ओपी प्रभारी, बबलू कुमार, पुअनि मुकेश कुमार सिंह, पुअनि रमण यादव शामिल थे।

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