प्रबंधन की प्राथमिकताओं पर सवाल, मजदूर बदहाल!
टीम एबीएन, रांची। हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (एचईसी) एक गहरे आर्थिक संकट से गुजर रहा है। एक ओर जहां कर्मचारी और अधिकारी लंबे समय से वेतन का इंतजार कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर प्रबंधन के फैसले उसकी प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। एचईसी मजदूर संघ के महामंत्री रमाशंकर प्रसाद ने प्रबंधन पर मजदूरों की अनदेखी और अधिकारियों को विशेष सुविधाएं देने का आरोप लगाया है।
संघ के अनुसार, एचईसी के मजदूरों को पिछले 28 माह से और अधिकारियों को 31 माह से वेतन नहीं मिला है। ऐसे में कर्मचारियों के सामने परिवार के भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। कई मजदूरों को भूखे पेट काम करना पड़ रहा है। इसके बावजूद प्रबंधन द्वारा 18 नए वाहन और इलेक्ट्रिक गाड़ियों की व्यवस्था का प्रस्ताव आगे बढ़ाया गया है। आर्थिक तंगी के दौर में इस तरह के फैसले से मजदूरों में भारी रोष है।
मजदूर संघ का आरोप है कि जहां एक ओर मजदूर बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं, वहीं निदेशकों के लिए महंगी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। निदेशकों के कार्यालय कक्षों में बड़े साइज की टीवी, लिफ्ट सुविधा, मिनरल वाटर और निजी उपयोग के लिए वाहन मौजूद हैं। मजदूरों का कहना है कि प्रबंधन को उनकी हालत की कोई चिंता नहीं है।
एचईसी आवास की स्थिति भी बेहद चिंताजनक बताई जा रही है। कई मजदूरों को दो वर्षों से क्वार्टर आवंटित नहीं किया गया है। जो क्वार्टर हैं, वे जर्जर हालत में हैं। बरसात के मौसम में घरों में पानी भर जाता है और कई स्थानों पर दीवारों में करंट उतरने की शिकायतें हैं। इसके विपरीत निदेशकों के आवासों पर हजारों रुपये खर्च कर मरम्मत और सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं।
कार्यस्थल पर मजदूरों के लिए पीने के पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है। महिला कर्मियों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। आरोप है कि शिकायत करने पर भी प्रबंधन कोई सुनवाई नहीं करता, बल्कि आवाज उठाने वाले मजदूरों को परेशान किया जाता है।