टीम एबीएन, पलामू। प्रतिबंधित नक्सली संगठन झारखंड जनमुक्ति परिषद के टॉप कमांडर भवानी भुइयां उर्फ भागीरथी भुइयां ने पुलिस के समक्ष हथियार डाल दिए हैं। आत्मसमर्पण के बाद भवानी भुइयां ने एक इंसास रायफल, 03 मैगजीन, 83 गोली, एक एचई ग्रेनेड पुलिस को सौंपा है। भवानी JJMP का सब जोनल कमांडर था। रविवार को पलामू डीआईजी राजकुमार लकड़ा, डीसी शशिरंजन और एसपी चंदन कुमार सिन्हा के समक्ष हथियार डाला है। अधिकारियों ने आत्मसमर्पण नीति के तहत भवानी को एक लाख रुपये का चेक दिया और चार डिसमिल जमीन देने का वादा किया। आत्मसमर्पण के बाद भवानी भूइयां को हजारीबाग ओपन जेल में रखा जाएगा। आत्मसमर्पण के बाद पलामू डीआईजी राजकुमार लकड़ा ने बताया कि राज्य सरकार की आत्मसमर्पण नीति काफी लाभ वाली है। भवानी के आत्मसमर्पण के बाद कई इलाके सुरक्षित हो जाएंगे। पलामू एसपी चंदन कुमार सिन्हा ने बताया कि भवानी भुइयां को आत्मसमर्पण नीति के तहत हर लाभ दिया जाएगा। भवानी भुइयां पर पलामू, गढ़वा और लातेहार में कई नक्सली घटनाओं को अंजाम देने का आरोप है। एसपी ने बताया कि स्पेशल ब्रांच एडीजी, डीसी और उनके नेतृत्व में बनी कमेटी आत्मसमर्पण नीति के तहत सभी को लाभ देगी। लातेहार के नावाडीह में कुछ दिनों पहले जेजेएमपी और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई थी। इसमें जगुआर के डिप्टी कमांडेंट शहीद हो गए थे। भवानी ने बताया कि इस घटना के बाद से जेजेएमपी के नक्सली खौफ में हैं और काफी दबाव में हैं। भवानी ने जेजेएमपी के बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारी दी है, जिसके बाद पलामू पुलिस सर्च अभियान चला रही है। उसने बताया कि रामसुंदर के मारे जाने के बाद उसे सब जोनल कमांडर बनाया गया था। भवानी के आत्मसमर्पण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले एसडीपीओ के विजय शंकर और थाना प्रभारी प्रभात रंजन राय को पुरस्कृत किया जाएगा।