एसआर डीएवी पुंदाग में पॉक्सो, घरेलू हिंसा और लैंगिक समानता पर जागरूकता सत्र
टीम एबीएन, रांची। एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग में घरेलू हिंसा, लैंगिक समानता तथा बाल अधिकारों पर एक सूचनाप्रद एवं प्रभावशाली जागरूकता सत्र आज आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य छात्रों को कानूनी सुरक्षा उपायों तथा सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति संवेदनशील बनाना था।
सत्र का संचालन रांची की अधिवक्ता एवं सार्वजनिक नीति विशेषज्ञ कुमारी आरती ने किया, जिनके पास सिविल कानून में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव है तथा वे झारखंड सरकार के स्वास्थ्य विभाग की सलाहकार समिति की सदस्य हैं। उनके साथ उनकी इंटर्न रिशिका बाजाज भी थीं।
छात्रों को संबोधित करते हुए, प्राचार्य डॉ तापस घोष ने इस बात पर जोर दिया कि प्रत्येक बालक को सुरक्षा, गरिमा एवं समानता का अधिकार है। उन्होंने छात्रों को बिना भय के बोलने, जिम्मेदार वयस्कों पर भरोसा करने तथा सजग, सतर्क एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि स्कूलों की भूमिका एक सुरक्षित, सम्मानजनक एवं समावेशी वातावरण को पोषित करने में महत्वपूर्ण है।
सत्र के दौरान, विशेषज्ञ ने निम्नलिखित पर विस्तार से प्रकाश डाला कि पॉक्सो अधिनियम एवं बच्चों को दुर्व्यवहार से बचाने में इसकी भूमिका, सीबीएसई के बाल सुरक्षा दिशा-निर्देश एवं स्कूलों में अनिवार्य सुरक्षा उपाय, बाल अधिकार एवं रिपोर्टिंग तथा सहायता लेने का महत्व, घरेलू हिंसा पर कानूनी जागरूकता एवं उपलब्ध सहायता प्रणालियां, व्यक्तिगत एवं सामाजिक जीवन में लैंगिक समानता का महत्व बताया।
राष्ट्रीय अभियान बाल विवाह मुक्त भारत एवं बाल विवाह के कानूनी परिणाम, एक सुरक्षित एवं समावेशी समाज सुनिश्चित करने में सामूहिक जिम्मेदारी। सत्र अत्यंत आकर्षक एवं सशक्तिकरणकारी सिद्ध हुआ, जिसने छात्रों में जागरूकता, आत्मविश्वास एवं सामाजिक जिम्मेदारी को मजबूत किया।