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एचईसी बचाओ आंदोलन: मजदूर यूनियनों ने एचईसी बंद करने/विक्रय के प्रस्ताव को खारिज किया

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एचईसी बचाओ आंदोलन: मजदूर यूनियनों ने एचईसी बंद करने/विक्रय के प्रस्ताव को खारिज किया
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पीएमओ वार्ता और राष्ट्रव्यापी विरोध की तैयारी 

टीम एबीएन, रांची। हैवी इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन (एचईसी) के भविष्य पर मंडरा रहे घोर अनिश्चितता के बीच, आज हटिया मजदूर यूनियन के तत्वावधान में विभिन्न ट्रेड यूनियनों की एक अत्यंत महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक आयोजित की गयी। 

यह बैठक हरेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में हुई, जिसमें बीएमएस, एटक, एचएमयू और हटिया मजदूर लोक मंच सहित सभी प्रमुख यूनियनों के प्रतिनिधियों ने भागीदारी सुनिश्चित की। यूनियनों ने एचईसी की बिगड़ती वित्तीय स्थिति, प्रबंधन की निष्क्रियता और इकाई को बंद करने या बेचने की किसी भी योजना पर गहरा रोष व्यक्त किया।  

सर्वसम्मति से यूनियनों ने एचईसी को बेचने या बंद करने के किसी भी सरकारी प्रस्ताव को पूर्ण रूप से खारिज कर दिया और इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। एटक ने स्पष्ट रूप से घोषणा की कि एचईसी के बंद करने का कोई भी फैसला उन्हें किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं होगा। 

संघर्ष की दिशा: पांच सूत्रीय मुख्य मांगें 

बैठक के प्रमुख निष्कर्षों में एचईसी को बचाने और मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए निम्नलिखित पांच मुख्य मांगें सामने आयीं : बंद/विक्रय प्रस्ताव पर तत्काल रोक: सभी यूनियनों ने एचईसी को बेचने या बंद करने के निर्णय का कड़ा विरोध करते हुए एचईसी बचाओ संघर्ष में पूर्ण एकजुटता प्रदर्शित की। 

उच्च-स्तरीय हस्तक्षेप अनिवार्य : शनि सिंह (एचईसी श्रमिक संघ), विमल महली और भवन सिंह ने प्रबंधन, शीर्ष सरकारी अधिकारियों और प्रधानमंत्री कार्यालय से अविलंब बातचीत की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि वर्तमान संकट से बाहर निकलने के लिए एक ठोस समाधान निकाला जा सके। 

श्रम संहिता का विरोध: प्रतिनिधियों ने आगामी श्रम संहिता का मुखर विरोध करने का संकल्प लिया। एसजे मुखर्जी ने घोषणा की कि इस मजदूर-विरोधी संहिता के खिलाफ विरोध को दिल्ली में बड़े पैमाने पर मजबूती से उठाया जायेगा। वेतन एवं बकाये का अविलंब भुगतान: यूनियनों ने लंबित वेतन और अन्य सभी बकायों के तत्काल और पूर्ण भुगतान की मांग की। 

ठेका मजदूरों की बहाली: हटिया मजदूर यूनियन के अध्यक्ष व सीटू के कार्यकारी अध्यक्ष श्री भवन सिंह ने विशेष रूप से मांग की कि ठेका मजदूरों को पूर्व की तरह सम्मानजनक शर्तों पर तत्काल बहाल किया जाए। अगली रणनीति बैठक : संघर्ष की आगामी रूपरेखा और संयुक्त मांगों को अंतिम रूप देने के लिए एक निर्णायक बैठक की घोषणा की गयी है। 

  • तिथि: 10 दिसंबर, 2025 
  • समय: शाम 5 बजे 
  • स्थान: हटिया मजदूर यूनियन कार्यालय 

इस बैठक में सभी यूनियनों के अध्यक्ष और महामंत्री शामिल होंगे, जो एचईसी को बचाने की अंतिम रणनीति और सरकार के समक्ष प्रस्तुत की जाने वाली मजदूरों की अंतिम मांगों की सूची को अंतिम रूप देंगे। उक्त जानकारी कार्यकारी अध्यक्ष, हटिया मजदूर यूनियन के हरेंद्र प्रसाद ने दी।

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