टीम एबीएन, चाईबासा/ रांची। झारखंड के उग्रवाद प्रभावित पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में नक्सली गतिविधियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। नक्सलियों द्वारा जमीन के अंदर लगाए गए आईईडी की चपेट में आने से आम लोग लगातार नुकसान उठा रहे हैं।
शुक्रवार को जराईकेला थाना क्षेत्र के कोलभोंगा जंगल में आईईडी विस्फोट में एक महिला की मौत हो गयी, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गये। घटना की पुष्टि पश्चिमी सिंहभूम के एसपी अमित रेणु ने की है।
चाईबासा एसपी अमित रेनी ने बताया कि इस क्षेत्र में लंबे समय से नक्सलियों की गतिविधियां सक्रिय रही हैं। सुरक्षा बल लगातार अभियान चलाकर इलाके में नक्सल प्रभाव को कम करने का प्रयास कर रहे हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और सीआरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची व पूरे जंगल क्षेत्र में सर्च आपरेशन शुरू किया गया, ताकि अन्य किसी भी संभावित विस्फोटक को समय रहते निष्क्रिय किया जा सके।
एसपी ने कहा कि आईईडी नक्सलियों की सामान्य रणनीति का हिस्सा होता है, जिसका उद्देश्य ग्रामीणों और सुरक्षा बलों को निशाना बनाना होता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध वस्तु, गड्ढे या तार जैसी चीज दिखाई देने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना को टाला जा सके।
सूत्रों के अनुसार, ग्रामीण किसी कार्य से जंगल की ओर जा रहे थे। रास्ते में छिपाये गये आईईडी पर पैर पड़ते ही धमाका हो गया। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि एक महिला की मौके पर ही मौत हो गयी और दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ीं। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।