गुमला। बिशुनपुर प्रखंड के गुरदरी थाना क्षेत्र के कुजाम पाठ में एनकेसीपीएल कंपनी के बॉक्साइड माइंस क्षेत्र में भाकपा माओवादियों ने बड़ी वारदात को अंजाम देते हुए शुक्रवार की वहां खडे 27 वाहनों को आगे के हवाले कर दिया। वहीं कई मजदूरों व चालकों के साथ मारपीट की। वहीं दहशत फैलाने के उद्देश्य से फायरिंग भी की है। भाकपा माओवादी संगठन ने पर्चा छोड़कर घटना की जिम्मेवारी ली है। इस घटना में लगभग 11 करोड रूपये के वाहन माओवादी संगठन ने फूंक दिया। घटना के संबंध में माइंस के सुपरवाइजर रामप्रवेश सिंह ने बताया कि शुक्रवार की रात लगभग 25 से 30 की संख्या में भाकपा माओवादी के संगठन के वर्दी धारी नक्सली हथ्यिार के साथ वहां पहुंच थे। नक्सली कैंप में प्रवेश करने के साथ है सभी माइंस कर्मी को बंधक बनाकर मोबाइल छीन लिया गया और सामने रखें लगभग 3 ड्रम डीजल को निकाल कर बाल्टी से सभी वाहनों पर डाला। जिसके बाद एक-एक कर सभी वाहन को आग के हवाले कर दिया गया। जिससे सभी वाहन जलने लगे। जब नक्सली जाने लगे तो माइंस कर्मियों के द्वारा आग बुझाने का प्रयास किया गया। जिससे नक्सली बौखला उठे और पुन: लौटकर सुपरवाइजर रामप्रवेश सिंह, मुन्ना पाठक, अमृत मिश्रा एवं ड्रिल आॅपरेटर साहेब लाल के साथ मारपीट की और आग नहीं बुझाने की चेतावनी देते हुए सभी लोगों का मोबाइल वापस कर दिया गया। इधर घटना में दो पोकलेन 4 जेसीबी 17 हाईवा, दो पिकअप एवं दो पानी टैंकर जलकर क्षतिग्रस्त हो गया है। घटना को अंजाम देने के बाद नक्सली असानी से वहां से निकल गये और क्षेत्र में संचालित सभी बाक्साईट मांइस को बंद करने की चेतावनी दी। घटना की सूचना के बाद शनिवार को मौके पर हिंडालको के कर्मी उत्तम गांगुली पहुंच कर घटना की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने बताया कि आगजनी की घटना से लगभग 12 करोड़ के नुकसान हुआ है। वहीं उन्होंने यह भी कहा कि आगे हिंडालको के प्रबंधक के पहुंचने के बाद आगे की प्रक्रिया की जाएगी। इधर घटना की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस जांच में जुट गई है। घटना के बाद सभी मजदूर व कर्मी डरे सहमें है। इस घटना में भाकपा माओवादी के कमांडर लजीम अंसारी व रन्थु उरांव के दस्ते के होने की आशंका जाहिर की जा रही है।