कोडरमा। विद्या विकास समिति झारखंड के तत्वाधान में आज कैलाश राय सरस्वती विद्या मंदिर झुमरी तिलैया में संकुल स्तरीय क्रिया शोध कार्यशाला संपन्न हुआ। कार्यक्रम का प्रारंभ दीप प्रज्वलन सह ओम ध्वनि के उच्चारण के साथ हुआ। प्राचार्य शर्मेंद्र कुमार साहू ने मंचासीन अतिथियों का परिचय करवाया। मुख्य अतिथि सह वक्ता डॉ अशोक अभिषेक ने क्रियात्मक शोध की भूमिका के क्रम में कई मौलिक उदाहरण दिए। वस्तुनिष्ठ एवं व्यक्तिनिष्ठ इन दो बिंदुओं पर विशेष रूप से प्रकाश डाला और कहा की शिक्षण एक ऐसी गतिविधि है जिसका आनंद हर शिक्षक को लेना चाहिए शिक्षण की प्रक्रिया में आने वाली समस्याओं एवं उनके निराकरण हेतु कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। वर्तमान समय में कोविड-19 के कारण सबसे ज्यादा नुकसान शिक्षा व्यवस्था को हुआ है परंतु शिक्षा के क्षेत्र में आभासी माध्यम ने एक नई क्रांति ला दी है आवश्यकता है इस बात की हम आचार्य तकनीकी ज्ञान में पीछे ना रहे हैं तकनीक का जितना अधिक इस्तेमाल होगा उतना ही आपकी शिक्षा प्रणाली में निखार आएगा। कार्यक्रम की प्रस्तावना आचार्य प्रदीप कुमार ने रखी साथ ही विद्या विकास समिति के हजारीबाग विभाग के सह विभाग प्रमुख तुलसी प्रसाद ठाकुर जी ने अपने आशीर्वचन दिए। कार्यक्रम का संचालन आचार्य मनोज कुमार सिंह ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ धीरेंद्र कुमार सिंह ने किया।