टीम एबीएन, घाटशिला/ रांची। आप देखेंगे आपके पास बहुत सारे लोग वोट मांगने आयेंगे। उन लोगों का प्रचार गाड़ी भी घूमेगी। कुछ लोग अपना व्यक्तिगत स्वार्थ साधने के लिए सड़कों पर उतरेंगे। चुनाव व्यक्तिगत स्वार्थ साधने के लिए नहीं है। अपना हक-अधिकार प्राप्त करने और दिलाने के लिए चुनाव होता है।
आज हक-अधिकार इस राज्य में आदिवासी मूलवासियों के आंगन तक, उनके दरवाजे तक पहुंचाने का कोई ताकत रखता है तो वह झारखंड मुक्ति मोर्चा है। आपका अधिकार आपके दरवाजे पर पहुंचाने का कार्य कर रही है झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार। इसलिए आप सभी लोगों से आग्रह और निवेदन है कि हम लोगों ने एक नौजवान को यहां प्रत्याशी बनाया है।
इस कोरा कागज में जो घाटशिला की जनता लिखेगी, वहीं उसके पीठ में लिखायेगा। अभी ये कोरा कागज है, बहुत कुछ सीखना है। अभी सिर्फ मैंने कागज तैयार किया है जिस पर शुरू से अंत तक लिखेंगे। यह आने वाली पीढ़ी के लिए तैयार होगा।
ये आपकी सेवा में 24 घंटे आपके बीच रहेगा। इसलिए आप सभी से अपील है कि जैसा स्नेह आपने विगत चुनाव में स्व रामदास दा को दिया था वैसा ही प्यार और आशीर्वाद सोमेश को भी दीजियेगा। घाटशिला जीतेगा तीर-कमान।