गिरफ्तार आदिवासियों की रिहाई न होने पर कोल्हान बंद किया जायेगा, चंपई सोरेन की चेतावनी
टीम एबीएन, चाईबासा/ रांची। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर चाईबासा में हाल ही में हुए लाठीचार्ज के सिलसिले में आदिवासियों के खिलाफ दर्ज मामले तुरंत वापस नहीं लिये गये तो झारखंड के खनिज समृद्ध कोल्हान क्षेत्र में अनिश्चितकालीन बंद किया जायेगा।
कोल्हान प्रमंडल से एक भी पत्थर की ढुलाई नहीं होने देंगे
पूर्व मुख्यमंत्री ने एक बयान में कहा, अगर गिरफ्तार लोगों को तुरंत रिहा नहीं किया गया और उनके खिलाफ दर्ज मामले वापस नहीं लिये गये, तो हम अनिश्चित काल तक झारखंड के पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों से बने कोल्हान प्रमंडल से एक भी पत्थर की ढुलाई नहीं होने देंगे।
हेमंत सोरेन सरकार का परोक्ष रूप से जिक्र करते हुए सोरेन ने कहा कि जब भी आदिवासी समुदाय ने अपने अधिकारों और हकों के लिए आवाज उठायी है, इस आदिवासी विरोधी सरकार ने बार-बार उसे कुचलने की कोशिश की है।
भारी वाहनों की नो एंट्री की मांग
चंपई सोरेन पिछले रविवार को आदिवासियों पर हुए लाठीचार्ज पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे। ये आदिवासी लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं के मद्देनजर एनएच 220 और एनएच 75ई पर भारी वाहनों के लिए प्रवेश निषेध लागू करने की मांग कर रहे थे।
चाईबासा घटना के संबंध में महिलाओं सहित सोलह आदिवासियों को गिरफ्तार किया गया तथा 75 नामजद तथा 500 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामले दर्ज किये गये। सोरेन ने झारखंड उच्च न्यायालय को चाईबासा की घटना का स्वत: संज्ञान लेने और एसटी/ एससी (अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति) अधिनियम के प्रावधानों के तहत उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।