टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 16 अक्टूबर को अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) ने रांची विश्वविद्यालय के इंस्टीच्यूट आॅफ लीगल स्टडीज के डायरेक्टर ने निकाली। तुगलकी फरमान एवं मूलभूत सुविधाओं के अभाव के विरोध में आजसू के रांची विश्वविद्यालय प्रभारी गौरव सिंह के नेतृत्व में तालाबंदी की गयी। आजसू छात्र संघ ने निम्नलिखित मांग विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष रखा :-
- बीसीआई के नियमानुसार आईएलएस का संचालन हो।
- स्वच्छ पीने का पानी और समय समय पर उसका सफाई हो।
- खेल का मैदान को व्यवस्थित किया जाए
- कैंटीन को सुचारू रूप से खोला जाए
- लैंग्वेज लैब को जल्द से जल्द खोला जाए किया जाए।
- कंप्यूटर लैब को जल्द से जल्द खोला जाए
- बाथरूम की सफाई अभिलंब किया जाय इत्यादि मांगो को लेकर ज्ञापन सौपा गया।
- प्रति वर्ष एनुअल फेस्ट कराया जाय
- क्लासरूम में एसी और माइक की सुविधाल बहाल की जाए
- फैकल्टी एवं कर्मचारियों की कमियों को अविलंब पूरी की जाय।
- लाइब्रेरी में पुस्तकों की कमी को अविलंब दूर किया जाय।
चार घंटे के तालाबंदी के बाद रांची विश्वविद्यालय सीवीएस के निदेशक डॉ मुकेश चंद्र मेहता और सह निदेशक डॉ स्मृति सिंह आईएलएस के निदेशक डॉ मयंक मिश्रा आईएलएस पहुंचे तो आजसू के कार्यकर्ताओं ने उन्हें भी आधा घंटा तक बंदी बनाये रखा। उसके उपरांत आजसू के प्रतिनिधि और छात्रों ने सभी अधिकारियों से संयुक्त वार्ता की। उसके उपरांत ताला खोला गया।
साथ ही लैंग्वेज लैब और कंप्यूटर लैब बॉयज एवं गर्ल्स कॉमन रूम के उन्हीं के द्वारा छात्र-छात्राओं के लिए खुलवाया गया। सभी जायज मांगों मांगों पर सहमति जताते हुए 1 माह के भीतर पूरी करने की बात हुई। तत्पश्चात आंदोलन को समाप्त किया।
इस कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा, प्रदेश वरीय उपाध्यक्ष ऋतुराज शाहदेव, प्रताप सिंह, गौरव सिंह, आयुष सिंह, अमन साहू, शिवम चौबे, राजेश सिंह, राज दुबे, निशांत सिंह, अनुराग दुबे, सिद्धार्थ, अमन, वर्णिका, श्रेया सिंह, गौरव साही, नीरज गुप्ता, चिराग, अंशु, जय्याज, नीरज इत्यादि उपस्थित थे।