पदमचंद जीवन भर समाज हित सेवा और मानवीय मूल्यों को हमेशा सर्वोपरि रखा : सुरेश चंद्र अग्रवाल
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के सुप्रसिद्ध समाजसेवी पदमचंद जैन का आकस्मिक निधन पर झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन एवं रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने गहरा शोक संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है।
उनके निधन पर झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के प्रांतीय अध्यक्ष सुरेश चंद्र अग्रवाल शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा है कि पदमचंद जैन जीवन भर समाज हित सेवा और मानवीय मूल्यों को सर्वोपरि रखा उनके द्वारा किये गये कार्य सदैव हमें प्रेरित करते रहेंगे। उनके निधन से समाज को अपूरणीय क्षति हुई है।
मारवाड़ी सम्मेलन के प्रांतीय महामंत्री विनोद कुमार जैन एवं संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि पदमचंद जैन एक कर्मठ, सरल मिलनसार, हंसमुख तथा एक विनम्र एवं उदार व्यक्तित्व के धनी थे। तथा वे मृदुभाषी स्पष्टवादिता तथा धार्मिक व्यक्तित्व वाले व्यक्ति थे। उन्होंने अपने जीवन काल में लगभग 10 हजार से भी अधिक अंतिम संस्कार में शामिल होकर के उनका दाह संस्कार कराया। इसके लिए उन्हें राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर कई नामी गिरामी संस्थाओं से सम्मानित किया गया।
रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष सज्जन पाड़िया एवं महामंत्री निर्मल बुधिया ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि पदम चंद्र जैन विभिन्न सामाजिक धार्मिक और व्यवसायी संगठन से जुड़े थे। उन्होंने समाज में एकता, संस्कृति और परंपराओं को बनाये रखने के लिए हमेशा तत्परता से कार्य करते थे। इस दु:ख की घड़ी में हम सभी ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि उनके परिवार को इस दु:ख को सहने की शक्ति प्रदान करें और ईश्वर अपने चरणों में स्थान दें।
शोक संवेदना व्यक्त करने वालों में भागचंद पोद्दार, गोवर्धन प्रसाद गाड़ोदिया, ओम प्रकाश अग्रवाल, ललित कुमार पोद्दार, राजेंद्र केडिया, डॉ ओम प्रकाश प्रणव, कमल कुमार केडिया, रतनलाल बंका, पवन शर्मा, पवन पोद्दार, मनोज चौधरी, कौशल राजगढ़िया, अनिल कुमार अग्रवाल, सुभाष पटवारी, प्रमोद सारस्वत, अशोक नारसरिया, प्रमोद अग्रवाल, कमलेश संचेती, सुमेर सेठी, संजीव विजयवर्गीय, अनिल अग्रवाल, कमल कुमार जैन, जितेश अग्रवाल, विकास अग्रवाल आदि शामिल है। उक्त जानकारी झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने दी।