चाईबासा। पूर्व विधायक गुरुचरण नायक पर नक्सलियों ने हमला कर उनके दो बॉडीगार्ड की हत्या कर दी थी। 14 घंटे बाद दोनों के शव को पुलिस ने घटनास्थल से बरामद किया। चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल में दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दोनों की गला रेतने के बाद गोली भी मारी गई थी। बॉडीगार्ड ठाकुर हेम्ब्रम को तीन गोली और शंकर नायक को एक गोली मारी गई थी। दोनों की आंखों में मिर्च पाउडर भी डाला गया था। पोस्टमार्टम में आंखों से मिर्च पाउडर का अंश मिला है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद यह बात खुलकर सामने आई है कि हमला से पहले नक्सलियों ने बॉडीगार्ड की आंख में मिर्च पाउडर झोंका था। हमले के बाद अब यह बात खुलकर सामने आई है कि नक्सली पूरी तैयारी के साथ आए थे। ग्रामीणों को शक ना हो, इसलिए छोटे-छोटे हथियार और तेज धारदार चाकू लेकर आए थे। ग्रामीणों के वेश में पहुंचे नक्सलियों ने विधायक और उनके बॉडीगार्ड को चारों तरफ से घेर लिया था। जैसे ही कार्यक्रम खत्म होने वाला था। नक्सलियों ने अपनी योजना के मुताबिक काम शुरू कर दिया था। पहले बॉडीगार्ड को टारगेट किया। भगदड़ मचने के बाद पूर्व विधायक किसी तरह वहां से पैदल ही भाग निकले, जिससे उनकी जान बच सकी। यह बात भी खुलकर सामने आई है कि खुफिया विभाग ने इसको लेकर पहले ही आगाह किया था। मगर पुलिस ने भी ध्यान नहीं दिया और विधायक भी बिना पुलिस को सूचना दिए कार्यक्रम में शामिल होने चले गए थे। पुलिस केंद्र चाईबासा में दोनों शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। डीजीपी नीरज सिन्हा ने दोनों शहीदा बॉडीगार्ड के आश्रितों को तत्काल 25-25 हजार मुआवजा और 45-45 हजार इंश्योरेंस की राशि सौंपी। डीजीपी ने शहीद के आश्रितों को आश्वासन दिया है कि शहीदों की नौकरी अवधि तक की रकम जोड़कर एकमुश्त राशि दी जाएगी। साथ ही परिवार के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी