टीम एबीएन, रांची। कर्बला चौक स्थित गुलशन हॉल में झारखंड साहित्य संगम की राज्य स्तरीय बैठक सम्पन्न हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार एवं शायर नसीर अफसर ने की और संचालन एम.जे. अजहर ने किया। बैठक में सर्वसम्मति से झारखंड साहित्य संगम की नई राज्य स्तरीय कमिटी का गठन किया गया।
- संस्थापक : अमीन रहबर
- अध्यक्ष : अधिवक्ता एवं वरिष्ठ साहित्यकार काफिलुर रहमान
- उपाध्यक्ष : प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. वीणा श्रीवास्तव
- उपाध्यक्ष : शिक्षक एवं साहित्यकार मो. इरफान
- महासचिव : डॉ. ओम प्रकाश (शिक्षक, राजकीय शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, कांके रांची)
- सचिव : प्रसिद्ध साहित्यकार मीना बंधन
- संयुक्त सचिव एवं कोषाध्यक्ष : सैफुल्ल हक (इनकम टैक्स अधिकारी)
- प्रवक्ता : प्रसिद्ध गजलकार नेहाल सुरयावी एवं डॉ. गालिब नश्तर (जे.एन. कॉलेज धुर्वा, रांची)
- मीडिया प्रभारी : युधिष्ठिर महतो (धनबाद)
इसके अतिरिक्त संस्थापक संरक्षक के रूप में नसीर अफसर तथा संरक्षक के रूप में सैयद गुफरान असरफी, डॉ. वासुदेव प्रसाद, डॉ. अंजेश कुमार, अहमद बद्र, डॉ. इकबाल हुसैन, सियाराम सरस और हसीब अख्तर को नामित किया गया।
राज्य समन्वयक अमीन रहबर ने कहा कि साहित्य संगम मील का पत्थर साबित होगा। यह ऐतिहासिक क्षण है, जो झारखंड ही नहीं, पूरे भारत की साहित्यिक धरोहर को नई दिशा देगा। उन्होंने बताया कि संगठन के प्रमुख उद्देश्य होंगे -
- साहित्यिक पुस्तकों का प्रकाशन,
- कवि एवं साहित्यकारों का सम्मान,
- कवि सम्मेलन, सेमिनार एवं संगोष्ठी का आयोजन,
- पुस्तक लोकार्पण समारोह,
- विद्यार्थियों और शोधार्थियों को प्रोत्साहित करना।
कार्यक्रम में यह संकल्प लिया गया कि साहित्य संगम केवल एक साहित्यिक संगठन नहीं, बल्कि एक भारत श्रेष्ठ भारत की सांस्कृतिक धारा को आगे बढ़ाने वाला मजबूत मंच बनेगा। साहित्यकारों, लेखकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों को जोड़ते हुए विकसित भारत @2047 की परिकल्पना को साकार करना संगठन का सर्वोच्च लक्ष्य होगा।
बैठक में राज्यभर से जुड़े दर्जनों कवि, साहित्यकार और शिक्षाविद् उपस्थित थे। इनमें प्रमुख डॉ. वासुदेव प्रसाद, बरकतुल्लाह बरकत, एम.जे. अकबर, डॉ. अंजेश, मो. इरफान, मो. फिरोज, संतोष शर्मा, मो. मुख्तार, अनूप कुमार, एस.एम. बादर वकर, मो. मेरजुल हक, मो. बरकत आलम, मो. मंजर हुसैन, एस. होदा इत्यादि रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। धन्यवाद ज्ञापन राज्य समन्वयक अमीन रहबर ने किया।