हाईकोर्ट के आदेश पर हुई रिम्स शासी परिषद की बैठक
टीम एबीएन, रांची। रिम्स में शनिवार 13 सितंबर 2025 को गवर्निंग बॉडी की बैठक हुई। झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश अमरेश्वर सहाय की आब्जर्वर के रूप उपस्थिति में हुई शासी परिषद की बैठक की अध्यक्षता स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने की।
रिम्स शासी परिषद की बैठक में हाईकोर्ट द्वारा दिये गये 16 प्रस्तावों पर चर्चा के बाद सहमति बनी। जिसमें अस्पताल के लिए तत्काल वेंटिलेटर खरीदने का प्रस्ताव पास किया गया। वहीं रिम्स प्रबंधन को जल्द से जल्द वेंटिलेटर की खरीदारी करने का भी निर्देश दिया गया।
इसके अलावा परचेसिंग से जुड़े कई प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। रिम्स में दवाओं की खरीद और टफक मशीन की जल्द खरीदारी के प्रस्ताव पर भी जीबी ने अपनी सहमति प्रदान की। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने बताया कि हाइकोर्ट ने हमसे जवाब मांगा था। हमने अपना पक्ष रखते हुए जवाब दिया है।
बैठक में रिम्स के डॉक्टरों के प्राइवेट प्रैक्टिस का मामला भी उठाया गया था। जिसपर यह निर्णय लिया गया कि सभी डॉक्टर के लिए बायोमैट्रिक अटेंडेंस बनाना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि रिम्स के तमाम डॉक्टर्स को सभी तरह के भत्ते दिए जाते हैं, वे लोग प्राइवेट प्रैक्टिस ना करें। अगर कोई डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस करता है तो उसे चेतावनी दी जायेगी। इसके बाद वार्ता कर समस्या का समाधान किया जायेगा।
इससे पहले उन्होंने इस प्रस्ताव पर सवाल उठाया कि प्राइवेट प्रैक्टिस करने वालों की जानकारी प्रबंधन को नहीं है, ऐसे प्रस्ताव को जीबी की बैठक में क्यों लाया गया? स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बैठक में यह बात भी सामने आई कि अस्पताल में मशीनों की खरीदारी नहीं हो रही है। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस बार 30 करोड़ रुपये ही प्रबंधन ने खर्च किए हैं। वहीं 200 करोड़ रुपये प्रबंधन के पास खर्च करने के लिए बचे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि यहां लोग खर्च करने से डरते हैं, यह ठीक नहीं है। रिम्स प्रबंधन को इस राशि को जल्द खर्च करने को कहा गया है। मशीनों की खरीदारी से मरीजों को राहत मिलेगी और हम मरीजों की बेहतर सेवा कर सकेंगे।