- अंबे माइनिंग आउटसोर्सिंग के जीएम और साइड इंचार्ज की लापरवाही से गई 6 मजदूरों की जानें, दोषियों पर कार्रवाई के संबंध में
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने प्रधानमंत्री भारत सरकार को पत्र लिखकर जांच एवं कार्रवाई की मांग करते हुए लिखा कि बीसीसीएल कतरास क्षेत्र अंतर्गत अंबे माइनिंग आउटसोर्सिंग के जीएम ओर साइड इंचार्ज की लापरवाही ओर मनमानी के कारण 6 मजदूरों की जान चली गई है।
कम्पनी में किसी भी मजूदरों का सुरक्षा व्यवस्था का ध्यान नहीं रखा जाता है, नियम विरोध काम किया जाता है ऐसे कम्पनी को अबीलम ब्लैक लिस्टेड कर दिया जाना चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी कंपनी में ऐसे दुर्घटना न घट सके और मजदूरों की सुरक्षा का ध्यान रखा जायेगा।
क्योंकि अंबे माइनिंग आउटसोर्सिंग में शुक्रवार को हुए लैंड स्लाइड हादसे ने 6 मजदूरों की जान चली गई है, सर्विस वैन मलबे में दबने से सभी कर्मियों की मौके पर मौत हो गई। दुर्घटना के बाद कंपनी प्रबंधन ने 20-20 लाख रुपये मुआवजा, अतिरिक्त राशि, बीमा भुगतान और मासिक वेतन देने की घोषणा कर दी। लेकिन इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्थाओं की सच्चाई उजागर कर दी है।
मजदूरों को न तो किसी प्रकार की सुरक्षा सुविधा दी गई और न ही खतरे के बावजूद कार्य रोका गया। इस हादसे की सीधी जिम्मेदारी अंबे माइनिंग के जीएम और साइड इंचार्ज पर आती है। उनके अधीन क्षेत्र की सुरक्षा और संचालन था, मगर संभावित खतरे की अनदेखी कर उत्पादन जारी रखा गया। यदि समय रहते सुरक्षा उपाय किए जाते तो 6 जिंदगियाँ बच सकती थीं।
प्रबंधन की चुप्पी और हादसे के बाद जल्दबाज़ी में मुआवजा पैकेज घोषित करना जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने जैसा है। यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि लापरवाही का नतीजा है। जब तक जिम्मेदार अधिकारियों पर क़ानूनी कार्रवाई नहीं किया जाएगा, तब तक मजदूरों की सुरक्षा अधर में ही रहेगी और न्याय अधूरा रहेगा।