झारखंड में पहली बार होगा आयोजन, राज्य सरकार करेगी मेजबानी
टीम एबीएन, रांची। झारखंड अक्टूबर माह में एक ऐतिहासिक आयोजन का गवाह बनने जा रहा है। राज्य में पहली बार धरती आबा जनजातीय फिल्म महोत्सव का आयोजन होगा, जिसकी मेजबानी राज्य सरकार करेगी। इस महोत्सव के माध्यम से सिनेमा की दुनिया में आदिवासी जीवन, उनकी परंपराओं और संस्कृति की अनूठी झलक दिखायी जायेगी।
भगवान बिरसा मुंडा को समर्पित इस आयोजन में देशभर के फिल्म निर्माता भाग लेंगे। यहां अलग-अलग क्षेत्रों से आदिवासी समुदाय की जीवनशैली, कथाओं और सांस्कृतिक अनुभवों पर आधारित फिल्मों का प्रदर्शन किया जायेगा।
स्थानीय भाषाओं में फिल्म बनाने वाले निर्देशक अनिल सिकदार ने बताया कि आदिवासी बहुल राज्यों के फिल्म मेकर भी बड़ी संख्या में इसमें हिस्सा लेने के लिए उत्साहित हैं। खास बात यह है कि केवल 31 दिसंबर 2020 के बाद बनी फिल्मों को ही प्रतियोगिता में शामिल किया जायेगा।
रजिस्ट्रेशन शुरू, 10 सितंबर तक है अंतिम तिथि
जनजातीय कल्याण अनुसंधान संस्थान ने रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक प्रतिभागी 10 सितंबर तक अपनी प्रविष्टियां भेज सकते हैं। फिल्मों को 6 श्रेणियों फीचर फिल्म, डॉक्यूमेंट्री, शॉर्ट फिक्शन, शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री, एनिमेशन और न्यू मीडिया/मोबाइल में प्रस्तुत किया जा सकेगा।
इस मंच के जरिए न सिर्फ संवाद स्थापित होगा बल्कि आदिवासी समाज की अनसुनी कहानियां भी सामने आयेंगी। यह आयोजन डॉ राम दयाल मुंडा जनजातीय कल्याण अनुसंधान संस्थान की ओर से सरकार की जनजातीय गौरव वर्ष पहल के तहत किया जा रहा है।