टीम एबीएन, रांची। हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (एचईसी) एक बार फिर औद्योगिक हलचल का केंद्र बनने जा रहा है। आने वाले दिनों में यहां थर्मल पावर प्लांट के लिए उपकरण का निर्माण होगा। यह पहला मौका होगा जब एचईसी इस तरह की परियोजना पर काम करेगा। इस कदम से न केवल संस्थान की साख मजबूत होगी बल्कि कर्मचारियों और स्थानीय युवाओं के लिए भी नये अवसर खुलेंगे।
एचईसी प्रबंधन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, भेल के सीएमडी सह एचईसी के प्रभारी ने अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां शुरू करने का निर्देश दिया है। बताया गया है कि एचईसी की खासियत यह है कि यहां कास्टिंग, फोर्जिंग और मशीनिंग जैसी सुविधाएं एक ही जगह मौजूद हैं। यही वजह है कि थर्मल पावर प्लांट से जुड़े बड़े उपकरण यहां आसानी से बनाये जा सकते हैं।
एचईसी के एमटीपीआई प्लांट में उपकरण निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जायेगी। प्लांट स्तर पर अधिकारियों को निर्देश दिये जा चुके हैं। कई पुरानी मशीनों को री-मॉडिफिकेशन कर तैयार किया जा रहा है, जिन पर 10 से 50 लाख रुपये तक खर्च किये जाने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन तकनीकी सुधारों के बाद एचईसी देश के भीतर भारी मशीनरी निर्माण की एक बड़ी जरूरत को पूरा करने में सक्षम होगी।
एचईसी देश की उन चुनिंदा इकाइयों में से है, जिसने पिछले छह दशकों में कई अहम परियोजनाओं में अपनी भूमिका निभायी है। अंतरिक्ष अनुसंधान, स्टील अथॉरिटी और रक्षा उत्पादन जैसे क्षेत्रों के लिए यहां से मशीन और उपकरण बनाये जाते रहे हैं। अब थर्मल पावर उपकरण निर्माण की पहल से इसकी औद्योगिक प्रासंगिकता और भी बढ़ जायेगी।