टीम एबीएन, रांची। आफिशियल निमंत्रण पर फोरम आफ सिविल पेंशनर्स एसोसिएशन झारखंड का एक प्रतिनिधिमंडल एम जेड खान के नेतृत्व में पेंशन अधिनियम में संशोधन तथा आठवें वेतन आयोग के गठन में हो रहे अप्रत्याशित विलंब को लेकर माननीय राज्यपाल, झारखंड सरकार से मिला तथा उन्हें पुन: ज्ञापन समर्पित किया।
वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए उनसे अनुरोध किया कि इसे डिपार्टमेंट आफ पर्सनल और ट्रेनिंग को अग्रसारित कर दिया जाये। राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि इस पर उचित कार्रवाई की जायेगी।
प्रतिनिधिमंडल में पोस्टल से एम जेड खान, राज्य सचिव और साधन कुमार सिन्हा, राज्य अध्यक्ष तथा रेलवे से जगजीत सिंह बहल, चंचल कुमार सिंह, जोनल सेक्रेटरी एवं बीएसएनएल पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन से नरेश लाल शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल ने इस बात की चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस संशोधन के कारण 32 लाख से अधिक सिविल केंद्रीय पेंशनर्स को रिटायरमेंट की तिथि के आधार पर आठवें वेतन आयोग के लाभ से वंचित कर दिया जायेगा और ये संविधान के आर्टिकल 14 के समानता के अधिकार के विरुद्ध है।
पेंशनर्स समाज इस संशोधन को लेकर देश भर में आंदोलित एवं आक्रोशित है। हम सरकार से मांग करते हैं कि इस संशोधन को वापस लिया जाये। वार्ता सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई। उक्त जानकारी फोरम आॅफ सिविल पेंशनर्स एसोसिएशन, झारखंड रांची के एम जेड खान ने दी।