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पेंशनर एसोसिएशन ने किया राज्य स्तरीय कन्वेंशन

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पेंशनर एसोसिएशन ने किया राज्य स्तरीय कन्वेंशन
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आज दिनांक 24 अगस्त   को  शहीद चौक पर ऑल इंडिया  फोरम ऑफ सिविल पेंशनर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय आह्वान पर पेंशन अधिनियम में ड्राकोनियन संशोधन एवं 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन में अप्रत्याशित विलंब को लेकर  राज्य स्तरीय कन्वेंशन का आयोजन किया गया संयुक्त रूप से जिसकी अध्यक्षता पोस्टल पेंशनर्स एसोसिएशन झारखंड के साधन कुमार सिंहा,रेलवे के जी एस बहल, बी एस एन एल पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के  नरेश लाल और ऑल इंडिया बी एस एन एल डिपार्टमेंट के विनोद कुमार ने किया.
  कन्वेंशन में पेंशन अधिनियम में संशोधन को लेकर राज्य सचिव एम जेड खान ने पेपर प्रस्तुत करते हुए कहा कि ये संशोधन सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ के 1983 में डी एस नाकारा  मामले में दिए गए निर्णय के खिलाफ है तथा समानता के अधिकार का उल्लंघन करता है. इस संशोधन ने सरकार को अधिकार दे दिया है कि वह 31 दिसंबर 2025 तक सेवानिवृत होने वाले कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग के लाभों से वंचित कर दे . 7वें वेतन आयोग की अनुशंसा के अनुसार किसी भी पेंशनर्स को रिटायरमेंट की तिथि के आधार पर वर्गीकृत नहीं किया गया था. लेकिन इस संशोधन के कारण जनवरी  2026 से पूर्व और 2026 के बाद पेंशनर्स को विभाजित कर उन्हें वेतन आयोग के देय लाभ से वंचित करने का काम किया है.
कन्वेंशन सभा को रेलवे के जगजीत सिंह बहल,चंचल कुमार सिंह, पोस्टल / आर एम एस पेंशनर्स एसोसिएशन के साधन कुमार सिंहा, के डी राय व्यथित, बी एस एन एल के नरेश लाल, विनोद कुमार, बैंक के एम एल सिंह, सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड के एस एस पाठक, राज्य सरकार के पेंशनर्स एसोसिएशन के नवीन चौधरी .,सेंट्रल गवर्नमेंट रेलवे रिटायर्ड फेडरेशन के कांति डे ने संबोधित करते हुए इस काले अधिनियम को वापस लेने की मांग की.
इस मुद्दे को लेकर  माननीय राज्यपाल,झारखंड को एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के द्वारा  ज्ञापन सौंपा गया. प्रतिनिधिमंडल में एम जेड खान,साधन कुमार सिंहा ( पोस्टल), जगजीत सिंह बहल,चंचल कुमार सिंह ( रेलवे), नरेश लाल( बी एस एन एल पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन) , विनोद कुमार ( AIBDPA)  कालिदास मुंडा( रेलवे) और शमीम अख्तर  शामिल थे.
आम सहमति से  नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ पेंशनर्स एसोसिएशन,झारखंड का गठन किया गया:
अध्यक्ष : विनोद कुमार, ए आई बी डी पी ए 
सचिव: एम जेड खान, ए आई पी आर पी ए
कोषाध्यक्ष: नरेश लाल, ए आई बी एस एन एल पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन 
संयुक्त सचिव: चंचल कुमार सिंह, ए आई आर आर एफ
उपाध्यक्ष:   साधन कुमार सिंहा, ए आई पी आर पी ए 
* सहायक सचिव: इकबाल हुसैन, बी एस एन एल 
संगठन सचिव: शमीम अख्तर,पोस्टल
कार्यकारिण सदस्य:
रांची: हसीना तिग्गा( पोस्टल), ए पी सिंह( बी एस एन एल) ,कालिदास मुंडा, बेगन लाल हल्दर एवं महेश सिंह( रेलवे)
धनबाद: बृज बंशी प्रसाद सिंह( पोस्टल), सालिक राम चौहान( बी एस एन एल),ए के गुप्ता( रेलवे)
जमशेदपुर: जे भट्टाचार्य,( पोस्टल), दिनेश साहू( बी एस एन एल),एन आर मांझी( रेलवे)
हजारीबाग: अर्जुन पांडे( पोस्टल) , महेश महतो( बी एस एन एल)
डाल्टनगंज: यू एस भट्ट,(पोस्टल),राम कृष्णा प्रसाद( बी एस एन एल)
गिरिडीह: अजय सिंहा,( पोस्टल), यदु ठाकुर( बी एस एन एल)
गुमला: महेंद्र बड़ाइक( पोस्टल)
सिमडेगा: राफेल बाखला( पोस्टल)
दुमका: सुभाष गुप्ता( पोस्टल)

स्वागत भाषण के डी राय व्यथित,धन्यवाद ज्ञापन बृज बंशी प्रसाद सिंह,संचालन एम जेड खान ने  किया. शोक प्रस्ताव त्रिवेणी ठाकुर  ने रखा.
इसके अलावा फोरम ऑफ सिविल पेंशनर्स एसोसिएशन की राज्य कमेटी आम सहमति से गठित की गई जो इस प्रकार है:
अध्यक्ष: विनोद कुमार( AIBDPA)
सचिव: शमीम अख्तर( पोस्टल) 
कोषाध्यक्ष: नरेश लाल( बी एस एन एल)
उपाध्यक्ष: जे एस बहल( रेलवे)
संयुक्त सचिव: त्रिवेणी ठाकुर ( पोस्टल)संगठन सचिव: वी डी मिश्रा ( बी एस एन एल)इसके अलावा पोस्टल,रेलवे, बी एस एन एल,केंद्रीय पेंशनर्स को लेकर 25 सदस्यीय कार्यकारियों भी गठित की गई ।कन्वेंशन में 8वें वेतन आयोग के गठन को लेकर प्रस्ताव पारित किया गया तथा  पेंशन कानून में आर्बिटररी संशोधन की वापसी की मांग की गई .उपस्थित वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि  वित्त विधेयक के माध्यम से  1972 / 2021 के पेंशन अधिनियम में संशोधन कर आठवें वेतन आयोग के लाभ से वर्तमान केंद्रीय पेंशनर्स को वंचित किए जाने की साजिश रची जा रही है तथा इन्हें सेवानिवृति की तिथि से विभाजित किया जा रहा है जो संविधान के आर्टिकल 14 की आत्मा के विपरीत है. सातवें वेतन आयोग की अनुशंसा तथा सरकार की मंजूरी के पश्चात  वर्तमान और भविष्य के पेंशनर्स में किसी किस्म का भेद - भाव नहीं किया गया था बल्कि पेंशन के पुनरीक्षण में समानता रखी गई थी. और इसकी भी आशंका है कि केंद्र सरकार वेतन आयोग की अनुशंसा के उपरांत भी पेंशनर्स को देय लाभ से वंचित कर दे.सभा को  संबोधित  करते  हुए राज्य सचिव एम जेड खान ने कहा कि  केंद्र सरकार ने 25 मार्च को संसद में विपक्षी दलों के  विरोध के पश्चात  फाइनेंस बिल के माध्यम से 1972/ 2021 के पेंशन अधिनियम में संशोधन पारित कर  31. 12. 2025 तक रिटायर होने वाले केंद्रीय कर्मियों को 8 वें वेतन आयोग के लाभ से वंचित कर दिया गया है. केवल जनवरी 26 या उसके बाद से रिटायर होने वाले कर्मचारियों को 8 वें वेतन आयोग का लाभ मिल पाएगा. केंद्र सरकार पेंशनर्स के साथ भेद भाव का रवैया अपना कर संविधान की धारा 14 का उल्लंघन कर रही है . सरकार पेंशनर्स को जनवरी 2026 से पहले और जनवरी 2026 के बाद   के खाने में वर्गीकृत कर संशोधित पेंशन अधिनियम के तहत वेतन आयोग के लाभ से वंचित कर देना चाहती है. आज के कन्वेंशन में मुख्य रुप से गणेश डे,रंग नाथ पांडेय ,रामनरेश पांडे ,सुशील कुमार,,हसीना तिग्गा,गयो देवी,  अमिता तिर्की, अख्तर शाह, त्रिलोकीनाथ साहू, सुखदेव राम, ,राजेंद्र महतो, आर बी बैठा, देव चरण साहू, जयराम प्रसाद, 
जय नारायण प्रसाद , हरिराम तिवारी,धनेश्वर गोस्वामी   के अलावा बड़ी संख्या में धनबाद,जमशेदपुर, पलामू ,गिरिडीह,हजारीबाग,रामगढ़,के पेंशनर्स  उपस्थित थे।  

10 अक्टूबर को दिल्ली में धरना दिया जाएगा और माननीय प्रधान मंत्री,राष्ट्रपति तथा सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश को ज्ञापन सौंपा जायेगा।

एम जेड खान ,राज्य सचिव
ऑल इंडिया पोस्टल/आर एम एस पेंशनर्स एसोसिएशन झारखंड ,

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