टीम एबीएन, रांची। रांची में पुलिस के द्वारा एक बड़ी कार्रवाई की गयी है। इस कार्रवाई में लाखों में नकली नोट बरामद किये गये हैं। डीआईजी सह एसएसपी रांची चन्दन कुमार सिन्हा को मिली गुप्त सूचना के आधार पर सुखदेवनगर इलाके में रेड कर फेक इंडियन करेंसी पकड़ा गया है।
क्या है पूरा मामला
कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय ने बताया कि बिहार से एक बस में जाली नोटों के रांची लाने की सूचना डीआईजी सह एसएसपी रांची को मिली थी। जानकारी मिलने पर रातू रोड बस स्टैंड के पास बिहार से आने वाली चंद्रलोक बस की रेकी शुरू की गयी। इसी दौरान कार्टून में रखे लगभग दो करोड़ के जाली नोट बस से उतार कर कुछ लोग कार में रखने लगे, जिन्हें मौके से रंगे हाथ पकड़ा गया।
कार्टून खोलने पर उसमें से 500 रुपये के 42 बंडल बरामद किये गये, सभी 500 रुपये के नोट जाली थे। कोतवाली डीएसपी ने बताया कि मौके से मोहम्मद साबिर और साहिल कुमार को गिरफ्तार किया गया है। दोनों राजधानी रांची में जाली नोटों का कारोबार करते हैं।
दिल्ली का है मास्टरमाइंड
कोतवाली डीएसपी ने बताया कि पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि दिल्ली के एक संगठित आपराधिक गिरोह के द्वारा जाली नोट के गिरोह का संचालन किया जाता है। जिसका मुखिया नीरज कुमार चौधरी है जो दिल्ली में रहता है। उसके द्वारा ही फोन और व्हाट्सएप के माध्यम से गिरफ्तार किए गए मोहम्मद साबिर और साहिल कुमार के जरिए नकली नोट ग्राहकों को भेजा जाता है।
गिरोह के द्वारा नकली नोटों के बंडल के ऊपर और नीचे एक-एक असली नोट डालकर शेष नकली नोट रख जाता है और इसके बदले ग्राहकों से 40000 से लेकर 50000 लेते थे। जाली नोट के कारोबार में 20 से 30% कमीशन गिरफ्तार आरोपियों को मिलता था, जिसके बदले में संगठित गिरोह जाली नोट को बाजार में खपाने का काम करते थे।