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पानी टंकी देख चुआं का पानी पी लेते हैं लोग, कहीं हो न जाये गम्भीर रोग...

पानी टंकी देख चुआं का पानी पी लेते हैं लोग, कहीं हो न जाये गम्भीर रोग...
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जमशेदपुर। घोड़ाबंधा थीम पार्क से थोड़ी ही दूर पर चिराग तले अंधेरा की कहावत सच होते देखी जा सकती है। थीम पार्क की एक ओर जहां हुडको से वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के नजदीक छोटा गोविंदपुर जलापूर्ति योजना के तहत विशाल पानी टंकी बनी है। वहीं थीम पार्क के अंदर वन बसी धुआं कॉलोनी एवं धुमा बस्ती की जनजातीय आबादी झारखंड निर्माण के 22 वर्षों बाद भी स्वच्छ पेयजल की मूलभूत सुविधा से वंचित है। विशाल पानी टंकी के बगल की जनजातीय बस्तियां सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल नहीं है। इस मामले को उठाते हुए भाजपा के पूर्व जिला प्रवक्ता अंकित आनंद ने झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव प्रशांत कुमार, जमशेदपुर के डीसी सूरज कुमार एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रवीण कुमार को पत्र लिखकर हस्तक्षेप का आग्रह किया है। अंकित ने मांग की है कि छोटा गोविंदपुर जलापूर्ति योजना की क्षमता एवं क्षेत्र का विस्तार किया जाये ताकि पूर्वी घोड़ाबंधा अंतर्गत धुआं कॉलोनी एवं धुमा बस्ती की बड़ी जनजातीय आबादी को स्वच्छ पेयजल की सुविधा से आच्छादित किया जा सके। इस मामले को ट्वीट करते हुए भाजपा नेता ने विभागीय मंत्री मिथिलेश ठाकुर सहित भारत सरकार के जलशक्ति मंत्रालय के भी संज्ञान में लाया है ताकि इस विकट जनसमस्या का शीघ्र निराकरण हो। धुआं कॉलोनी एवं धुमा बस्ती के लोगों की पेयजल की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए अंकित आनंद ने इस दुर्भाग्यपूर्ण बताया। कहा कि झारखंड निर्माण के दो दशक बाद भी जनजातीय वर्ग पेयजल जैसे मूलभूत अधिकार से वंचित है। वहीं ऐसी बड़ी आबादी की बस्तियों का पीएचईडी विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता सूची में शामिल ना होना चिंताजनक है। कहा कि बस्ती के लोगों से बातचीत के क्रम में ज्ञात हुआ कि उनमें से कईयों को वन विभाग से पट्टा प्राप्त है। बताया कि विकट जलसमस्या से जूझ रही बड़ी आबादी के ग्रामीणों ने पिछली लॉकडाउन में श्रमदान कर 02 कुओं का निर्माण किया जिसे स्थानीय लोग नहाने एवं स्वच्छता के दैनिक उपयोगों में इस्तेमाल करते हैं। इन गांवों से सटी घोड़ाबंधा थीम पार्क से होती हुई लुआबासा के इंटक वेल से हुडको ट्रीटमेंट वाटर प्लाट तक पानी पहुंचाई गई है। लेकिन दुर्भाग्य है कि इस जनजातीय आबादी वाली धुआं कॉलोनी और धुमा बस्तियों की उपेक्षा और अनदेखी हुई है। जनजातीय सामुदाय की जीवन स्तर सुधारने को लेकर कार्ययोजनाओं का अभाव स्पष्ट देखी जा सकती है। छोटा गोविंदपुर जलापूर्ति योजना के संदर्भ में जानकारी जुटाने पर मालूम हुआ कि इस योजना के तहत गोविंदपुर होते हुए राहरगोड़ा, गदड़ा, परसुडीह सरीखे बड़ी आबादी स्वच्छ पेयजल से लाभान्वित होगी। लेकिन जहां पानी टंकी बनी हुई है। वहीं से बगल की धुआं कॉलोनी, धुमा कॉलोनी सहित कई ग्रामीण बस्तियों की उपेक्षा की गई है। इस मामले को उठाते हुए भाजपा नेता अंकित आनंद ने जमशेदपुर डीसी एवं विभागीय सचिव से मांग की है कि गोविंदपुर जलापूर्ति योजना की क्षमता का विस्तार बगल की बस्तियों तक भी पहुंचें ताकि जनजातीय आबादी लाभान्वित हो। कहा कि इस समस्या के निराकरण के लिए वे प्रतिबद्ध हैं और चरणबद्ध अभियान के तहत लगातार जिला प्रशासन का ध्यानाकर्षित करते रहेंगे।
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