साजिश के तहत बदनाम करने का हो रहा षड्यंत्र : सरदार शैलेंद्र सिंह
एबीएन न्यूज नेटवर्क, जमशेदपुर। सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान भगवान सिंह एवं महासचिव गुरुचरण सिंह बिला के खिलाफ कोर्ट में एक संदिग्ध चरित्रवाली तथाकथित महिला द्वारा शिकायतवाद दर्ज कराये जाने के विरोध में सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के कार्यालय से हजारों लोगों का जन सैलाब सड़कों पर उतर पड़ा। जिसमें सभी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों के प्रतिनिधि, सेंट्रल से स्त्री सत्संग सभा, सेंट्रल नौजवान सभा, अकाली दल जमशेदपुर समाज का बुद्धिजीवी वर्ग, सिख समुदाय के अलावा अन्य समुदाय से जुड़े संगठन के लोग भी शामिल थे।
लोगों का हुजूम मेन रोड होते हुए सीधा उपायुक्त कार्यालय पहुंचा और उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंप कर इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। साथ ही यह भी बताया गया कि तथाकथित चार-पांच लोग सिख समाज के असामाजिक तत्वों को आगे कर षड्यंत्र के तहत इस महिला को मोहरा बनाकर सम्मानित लोगों को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं। वैसे आरोप लगाने वाली इस तथाकथित महिला के खिलाफ भी शिकायत दर्ज करने का जिक्र है। जिला प्रशासन से मांग की गयी कि जांच कर इस पूरे मामले के पीछे शामिल षड्यंत्रकारियों का पता लगाकर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाय। सिख समुदाय और सभी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों एवं संस्थाओं ने भगवान सिंह एवं गुरचरण सिंह को पूर तरह से निर्देश व सिख समाज का सम्मानित व्यक्ति बताया, जुलूस में शामिल समाज का जनसैलाव इसकी गवाही दे रहा था।
जुलूस में शामिल भारी संख्या में महिलायें अपने-अपने हाथों में तख्तिया और बैनर ली हुई थी। जिसमें भगवान सिंह एवं गुरचरण सिंह के समर्थन में स्लोगन लिखे हुए थे। इस जुलूस में सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान भगवान सिंह के अलावा पटना साहिब के महासचिव इंद्रजीत सिंह, चेयरमैन सरदार शैलेंद्र सिंह, गुरमीत सिंह, वरीय उपाध्यक्ष नरेंद्र पाल सिंह, चंचल सिंह, जोगिंदर सिंह जोगी, अजीत सिंह गंभीर, महासचिव अमरजीत सिंह, गुरचरण सिंह बिल्ला, कोषाध्यक्ष गुरनाम सिंह बेदी समेत जमशेदपुर की लगभग सभी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों के प्रधान व पदाधिकारी मौजूद थे।
मुख्य सलाहकार हरदीप सिंह भाटिया, सुखविंदर सिंह राजू, सुखदेव सिंह बिट्टू, सरबजीत ग्रेवाल, जसवंत सिंह, जसु गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान स्टेशन रोड के प्रधान महेंद्र पाल सिंह, महासचिव कमलजीत सिंह, गौरी शंकर रोड के प्रधान अमरजीत सिंह गांधी, महासचिव हरदीप सिंह कीताड़ी, गुरुद्वारा के प्रधान जगजीत सिंह गांधी गुरमेल सिंह, बिष्टुपुर के प्रधान प्रकाश सिंह नवतेज सिंह, जसपाल सिंह, बागबेड़ा के महासचिव बलकार सिंह, कदमा गुरुद्वारा के ट्रस्टी त ताजवीर कलसी प्रधान, बलदेव सिंह, तीन प्लेट गुरुद्वारा के प्रधान सुरजीत सिंह, खुशीपुर साकची गुरुद्वारा के प्रधान हरविंदर सिंह मंटू, टेल्को गुरुद्वारा के प्रधान बलविंदर सिंह, महासचिव गुरु शरण सिंह, रिफ्यूजी कॉलोनी के प्रधान गुरप्रीत सिंह राजू, चेयरमैन हरमिंदर सिंह मिदी, जेमको गुरुद्वारा के प्रधान जरनैल सिंह, चेयरमैन जागीर सिंह, नामदा बस्ती गुरुद्वारा के प्रधान दलजीत सिंह, गुरदीप सिंह, संत कुटिया के प्रधान जसवीर सिंह संधू, महासचिव गुरु चरण सिंह शेखर, मनी फीट के प्रधान अमरीक सिंह, सुरजीत सिंह, प्रकाश नगर के महासचिव सिंघाड़ा सिंह, अकाली दल के प्रधान सुखदेव सिंह खालसा, रविंद्र सिंह, सीताराम डेरा गुरुद्वारा के प्रधान सुखविंदर सिंह, महासचिव अविनाश सिंह, बारीडीह के प्रधान अवतार सिंह, अमरजीत सिंह बमराह, बिरसानगर के प्रधान परमजीत सिंह रोशन, अमरजीत सिंह, गोल पहाड़ी के प्रधान लखविंदर सिंह टायला, दुगरी के प्रधान सतबीर सिंह सत्, ट्रस्टी रणजीत सिंह, सुंदर नगर के प्रधान मलकीत सिंह, परसुडी के प्रधान रणजीत सिंह माथारू, होम पाइप के दलबीर सिंह, गुरनाम सिंह बेदी, मनजीत सिंह, बर्मा माइंस के चेयरमैन गुरदयाल सिंह, महासचिव जोगां सिंह, गम्हरिया गुरुद्वारा के प्रधान इंद्रजीत सिंह, पतवंत सिंह, सेंट्रल नौजवान सभा के प्रधान अमरीक सिंह, महासचिव सुखवंत सिंह सुक्कू, पूर्वी भारत सिख स्टूडेंट फेडरेशन के अध्यक्ष सतनाम सिंह गंभीर, झारखंड मुक्ति मोर्चा नेता कमलजीत गिल, सेंट्रल सिख स्त्री सत्संग सभा की प्रधान रविंदर कौर, चेयरमैन कमलजीत कौर, संरक्षक दलबीर कौर, महासचिव सुखवंत कौर, परमजीत कौर, माता गुरमीत कौर, महाराजा रणजीत सिंह, सेवादल प्रधान अमृतपाल सिंह, सिख संगठनों के अलावा एन समुदाय के संगठनों के प्रमुख सुमित मदन, मोहन सोरेन, सुनील हेंब्रम, राजू लोहार, राजू भाभी, लड्डू हो, दीपक, रंजीत विष्णु, हराधन प्रमाणिक, जितेंद्र यादव, सागर पाल, अजीत तिर्की, पिंकी खुशबू आदि हजारों लोग शामिल थे।