एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर (पलामू)। पलामू उपायुक्त समीरा एस के निर्देशानुसार उप विकास आयुक्त जावेद हुसैन की अध्यक्षता में समाज कल्याण विभाग अन्तर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा की गयी। बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी नीता चौहान तथा बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं महिला पर्यवेक्षिका उपस्थित थीं।
डीडीसी ने आंगनबाड़ी केंद्र की आधारभूत संरचना से संबंधित समीक्षा के दौरान निर्मित आंगनबाड़ी केंद्रों को हस्तगत कराने हेतु भवन निर्माण के कार्यपालक अभियंता, जिला परिषद एवं मनरेगा से भवन निर्मित को बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं महिला पर्यवेक्षिकाओं के साथ समन्वय स्थापित करते हुए 15 दिनों के अंदर हस्तगत कराने का निर्देश दिया।
सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी जर्जर एवं मरम्मति योग्य भवनों का सत्यापन प्रतिवेदन भौतिक स्थिति के साथ चार दिनों के अंदर प्रस्ताव जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने, सरकारी भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय, पेयजल एवं विद्युत्त की उपलब्धता के लिए बीडीओ की अध्यक्षता में समन्वय बैठक आहूत करने एवं बैठक की कार्यवाही निश्चित रूप से जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
आंगनबाड़ी केंद्रों में सेविका एवं सहायिका के रिक्त पदों पर चयन हेतु 15 दिनों के अंदर तिथि निर्धारित करते हुए विभागीय नियमानुसार आमसभा आयोजित कर चयन प्रक्रिया पूर्ण करने, परियोजना से प्राप्त प्रस्ताव को जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को एक सप्ताह के अंदर अनुमोदन कराते हुए उन्हें चयन पत्र निर्गत करने हेतु संबंधित बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को आदेश देंगे।
साथ ही सभी चयनित सेविका/सहायिका के शैक्षणिक प्रमाण पत्र की जांच कराने का निर्देश दिया। बाल विकास परियोजना पदाधिकारी दो दिनों के अंदर नवचयनित सेविका/ सहायिका को योगदान कराना सुनिश्चित करें। जिला समाज कल्याण पदाधिकारी नवनियुक्त आंगनबाड़ी सेविकाओं का आकलन करते हुए परियोजनावार / बैचवार जिला स्तर पर प्रशिक्षण कार्य सुनिश्चित करायेंगे। विभाग अथवा यूनिसेफ से सहयोग प्राप्त करते हुए एक-दो दिवसीय प्रशिक्षण सुनिश्चित करेंगे।
पोषण ट्रैकर में आवश्यक गतिविधि का इन्ट्री यथा एफआरएस माह के अंत तक 70 प्रतिशत, दैनिक अनुश्रवण, वीएचएसएनडी & सीबीई, वृद्धि निगरानी, गृह भ्रमण एवं लाभुकों का मोबाइल सत्यापन सेविका / सहायिका का केवाईसी इस माह के अंत तक शत-प्रतिशत पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के उअर लाभुक का सत्यापन एक सप्ताह के अंदर हर हाल में करने एवं नये लाभुक का प्रविष्टि लक्ष्य के अनुरूप करने का निर्देश दिया गया।
आंगनबाड़ी केन्द्रों पर वीएचएसएनडी & सीबीई का नियमित आयोजन कराते हुए संबंधित शत-प्रतिशत इंट्री पोषण ट्रैकर ऐप्प पर करने का निर्देश दिया गया। जिन परियोजनाओं में वीएचएसएनडी & सीबीई का आयोजन तथा संबंधित इंट्री पोषण ट्रैकर पर संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो उनके विरूद्ध अग्रेतर कार्रवाई की जायेगी। सभी बीडीओ कार्यालय में कार्यरत आपरेटर से सहयोग लेकर एफआरएस में सप्ताहिक 20 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है। इसके अतिरिक्त पोषण ट्रैकर के सभी मानकों का भी इंट्री नियमित रूप से पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।