टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 12 जुलाई को रांची जी पीओ में के डी राय व्यथित की अध्यक्षता में ऑल इंडिया पोस्टल/आर एम एस पेंशनर्स एसोसिएशन झारखंड की बैठक सम्पन्न हुई। सरकार के द्वारा 25 मार्च को वित्तीय विधेयक के साथ सी सी एस पेंशन रूल 2021 में वेलिडेशन संशोधन कर 60 लाख केंद्रीय पेंशनर्स को वर्तमान और भविष्य के पेंशनर्स में विभाजित कर उन्हें 8वें वेतन आयोग के संभावित लाभों से वंचित किया जा रहा है, जिसके कारण केंद्रीय पेंशनर्स में जबरदस्त आक्रोश और गुस्सा है।
इसको लेकर 35 सिविल पेंशनर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने NCCPA के बैनर तले सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया है और इसके अलावा सांगठनिक स्तर पर भी संघर्ष किया जायेगा। इस कड़ी में 25 जुलाई को देश भर में मानव श्रृंखला बनायी जायेगी तथा अपने अपने क्षेत्र के सांसद को ज्ञापन सौंपा जायेगा। इसके लिए संसद मार्च भी किया जायेगा। सरकार पर दबाव बना कर इस कर्मचारी विरोधी कानून निरस्त कराने का प्रयास किया जायेगा।
बैठक को एम जेड खान सहित रंग नाथ पाण्डेय, रमेश सिंह, त्रिवेणी ठाकुर, के डी राय व्यथित, रामचंद्र प्रसाद, बलदेव साहू, राम नरेश पांडेय आदि ने संबोधित करते हुए कहा कि हम इस काले कानून की वापसी तक संघर्ष करेंगे। बैठक में सीजी एच एस की कार्यप्रणाली पर भी चिंता व्यक्त की गयी तथा पोस्टमैन के बकाया भुगतान को लेकर भी लोग आक्रोशित थे तथा डाक प्रशासन की निष्क्रियता और संवेदनहीनता को जिम्मेदार ठहरा रहे थे।
बैठक में मुख्य रूप से त्रिलोकी नाथ साहू, हसीना तिग्गा, बी बारा, अमिता कुजूर, सुखदेव राम, मो रफी, आर बी बैठा, अमर नाथ मिश्रा, आदि उपस्थित थे। उक्त जानकारी ऑल इंडिया पोस्टल/आर एम एस पेंशनर्स एसोसिएशन, रांची के झारखंड राज्य सचिव एम जेड खान ने दी।