फिर खतरे के निशान के ऊपर जमशेदपुर की स्वर्णरेखा और खरकई नदी, अलर्ट मोड पर प्रशासन
एबीएन न्यूज नेटवर्क, जमशेदपुर। लौहनगरी समेत पूरे कोल्हान में बीते रविवार को झमाझम बारिश हुई। लगातार भारी बारिश से फिर से एक बार जमशेदपुर की दो प्रमुख नदियां स्वर्णरेखा और खरकई फिर से अपने खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी है।
बताया जा रहा है कि खरकई नदी का डेंजर लेवल 129 मीटर निर्धारित है, लेकिन इसके ऊपर खरकई नदी की धार 130.65 मीटर पर बह रही है जबकि स्वर्णरेखा नदी का डेंजर लेवल 121.50 है, जो 121.60 मीटर पर बह रही है। जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि ने प्रशासन और आमजन दोनों की चिंता बढ़ा दी है। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए जिला प्रशासन सतर्कता की स्थिति में है।
निचले इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। संभावित बाढ़ और जनहानि से बचाव हेतु जिला आपदा प्रबंधन टीम सक्रिय हो चुकी है। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी स्थिति में नदियों के किनारे न जायें। पानी के बढ़ते बहाव को देखते हुए सभी को ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी गयी है। विशेषकर बच्चों, वृद्धों और पशुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने को कहा गया है।
झारखंड में मौसम विभाग ने 2 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गयी है। तेज हवाओं के साथ वज्रपात की भी आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार झारखंड के 7 जिलों में 30 जून को भयंकर बारिश हो सकती है। खूंटी, रांची, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम जिले में बहुत भारी बारिश हो सकती है।
1 जुलाई को झारखंड के 6 जिलों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इनमें गुमला, पलामू, गढ़वा, लातेहार, चतरा और लोहरदगा जिले में कहीं-कहीं पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। खूंटी समेत 8 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
वहीं, झारखंड के 10 जिलों में कहीं-कहीं पर 2 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। इनमें रांची, गुमला, खूंटी, पलामू, गढ़वा, लातेहार, चतरा, लोहरदगा, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम शामिल है।