- सप्लाई मजदूर बोले- हम एजेंसी का फॉर्म नहीं भरेंगे
टीम एबीएन, रांची। एचईसी (हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन) इन दिनों दो विरोधाभासी हालातों से गुजर रहा है। एक तरफ कंपनी परिसर में संचालित स्कूलों से जुड़ी राहत भरी खबर है।
वहीं दूसरी ओर सप्लाई और ठेका मजदूरों में भविष्य को लेकर गहरी बेचैनी है। वर्षों से काम कर रहे मजदूरों के सामने आउटसोर्सिंग की नई व्यवस्था ने रोजगार की अनिश्चितता बढ़ा दी है।
कई स्कूलों ने घटाई फीस, बच्चों की पढ़ाई में मिली राहत
एचईसी परिसर में संचालित चार स्कूलों ने कर्मियों के बच्चों के लिए ट्यूशन फीस में भारी रियायत देने का फैसला लिया है। यह राहत उस समय आई है जब HEC के सैकड़ों परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं।
सरस्वती शिशु विद्या मंदिर ने सत्र 2025-26 से 2027-28 तक 500 रुपये प्रतिमाह ट्यूशन फीस लेने का निर्णय लिया है। वहीं प्रभात तारा स्कूल ने ट्यूशन और कंप्यूटर फीस पूरी तरह माफ कर दी है।
YMCA पब्लिक स्कूल ने कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों को 90 प्रतिशत फीस में छूट देने का निर्णय लिया है। वहीं विवेकानंद विद्या मंदिर ने नर्सरी से कक्षा 2 तक 250 रुपये, कक्षा 3 से 8 तक 300 रुपये और कक्षा 9 से 10 तक 450 रुपये प्रतिमाह ट्यूशन फीस निर्धारित की है।
वहीं एचईसी क्षेत्र के अन्य स्कूल प्रबंधकों से भी बातचीत चल रही है, ताकि एचईसी के कर्मचारियों की परेशानियों को कुछ हद तक कम किया जा सके। इन निर्णयों से HEC कर्मियों के बच्चों की शिक्षा सुचारु रूप से जारी रखने में मदद मिलेगी।