सरना सनातन को अलग करने की साजिश को रोकने के लिये टीम बनाकर काम करने की जरूरत: आशा लकड़ा, सदस्य, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग
टीम एबीएन, लोहरदगा/ रांची। आज भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष अजातशत्रु के आग्रह पर अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्या आशा लकड़ा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर गुमला में आयोजित कार्यक्रम से शामिल होकर लौटने के दौरान लोहरदगा जिला के सर्किट हाउस में एक घंटे के लिए स्थानीय लोगों से मुलाकात हेतु प्रवास कीं।
इस दौरान अजातशत्रु द्वारा लोहरदगा जिला के बदलते हालात, एक साजिश की तहत आदिवासियों को बरगलाकर उनको सनातन धर्म से भटकाने तथा अलग करने एवं साथ ही साथ डेमोग्राफिक परिवर्तन की बात रखी। जिसपर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य आशा लकड़ा ने कहा कि आदिवासी आदिकाल से शिव भक्त व प्राकृतिक पूजक रहे हैं।
पूरा सनातन धर्म को अक्षुण्य बनाये रखने में हम आदिवासियों के पूर्वज ना जाने कितना ही बलिदान दिये। जितना योगदान देश की आजादी में भगवान बिरसा, तेलंगा खड़िया, सिद्धू कान्हू इत्यादि का रहा है वैसे ही बलिदान सनातन धर्म को आगे बढ़ाने हेतु हमारे पूर्वजों ने दी है।
झारखंड व अन्य क्षेत्र के कुछ स्वार्थी व व्यक्तिगत लालसा रखने वाले छुटभैया नेताओं ने सीधे सादे आदिवासी भाई बहन को बरगला कर उन्हें उनके धर्म से विमुख करने की काम कर रही है, जिसमें क्षणभर के लिये वे सफल भी हो गये हैं, परंतु अब भी समय है कि समझदार सनातन सदान व आदिवासी आपस में सामंजस्य बैठाकर टीम बनावें और वर्तमान वस्तुस्थिति से भोले भाले आदिवासी भाई, बहिन, बंधु को अवगत करावें, उन्हें धर्म बांटने की साजिश के संदर्भ में तार्किक ढंग से समझाकर सनातन धर्म मे वापसी करावें और बतायें कि सरना सनातन सदियों से एक है और इसे सदैव एक बनाये रखना है। इन्होंने साथ ही साथ बतलायीं कि झारखंड में डेमोग्राफिक परिवर्तन को लेकर एक किताब भी बाजार में आ चुकी है, जो बहुत जल्द आनलाइन प्लेटफार्म में भी दस्तक देगी।
मुलाकात करने वालों में विश्व हिंदू परिषद सह लोहरदगा चैंबर आफ कॉमर्स अध्यक्ष रितेश कुमार, भारतीय युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष बाल्मीकि कुमार, भाजपा जिला महामंत्री पशुपतिनाथ पारस, भाजपा ओ बी सी मोर्चा के अजय पंकज इत्यादि शामिल थे।