टीम एबीएन, रांची। गोड्डा होम्योपैथिक कॉलेज को लेकर भाजपा की बयानबाजी पर प्रतिक्रिया देते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय सदस्य डॉ तनुज खत्री ने कहा कि भाजपा की राजनीति अब झूठ और दिखावे पर आधारित है, जो पार्टी अपने शासनकाल में स्वास्थ्य व्यवस्था को वेंटिलेटर पर छोड़ गयी, वह आज नैतिकता का पाठ पढ़ा रही है, जो पूरी तरह पाखंड है।
भाजपा शासन में स्वास्थ्य नहीं, शर्म की कहानी लिखी गयी
जब भाजपा झारखंड की सत्ता में थी, तब राज्य के सबसे बड़े अस्पतालों में मरीज जमीन पर खाना खाने को मजबूर थे। आॅक्सीजन की कमी से जानें गयीं और अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव था। स्वास्थ्य सेवा पूरी तरह चरमरा गयी थी, और भाजपा नेतृत्व केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस और प्रचार तक सीमित था।
रघुवर सरकार के मंत्री ने सरकारी धन से निजी मेडिकल कॉलेज खड़ा किया
भाजपा सरकार में तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री ने अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए सरकारी संसाधनों के सहारे अपना निजी मेडिकल कॉलेज खड़ा कर लिया, जहां गरीब बच्चों को प्रवेश तक नहीं मिलता और अमीरों के लिए मेडिकल सीटें लाखों-करोड़ों में बेची जाती है। जब आम जनता इलाज के लिए संघर्ष कर रही थी, भाजपा के मंत्री अपना निजी साम्राज्य खड़ा कर रहे थे।
एंबुलेंस नहीं, कंधों पर लाशें ढोयी जा रही थीं
भाजपा शासन के समय ऐसी तस्वीरें आम थीं जहां परिजन शव को कंधे पर उठाकर श्मशान ले जा रहे थे क्योंकि अस्पतालों में एंबुलेंस तक उपलब्ध नहीं थी। यह किसी भी सरकार के लिए शर्मनाक स्थिति थी।
डबल इंजन की सच्चाई : पटना मेडिकल कॉलेज की छत गिर गयी
भाजपा को आज गोड्डा की चिंता हो रही है, लेकिन दो दिन पहले ही डबल इंजन सरकार वाले बिहार में पटना मेडिकल कॉलेज (पीएमसीएच) की सीलिंग गिर गयी। सौभाग्य से कोई जान नहीं गयी, लेकिन यह दिखाता है कि भाजपा की कथित स्वास्थ्य नीति सिर्फ दिखावा है।
सरकारी मेडिकल संस्थानों का विरोध भाजपा के निजीकरण नीति का हिस्सा
डॉ तनुज ने कहा कि भाजपा लगातार रिम्स-2 जैसे जनहित के बड़े स्वास्थ्य प्रोजेक्ट्स का विरोध करती आई है। इसका एक ही मकसद है- राज्य की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को नष्ट कर देना और निजी अस्पतालों को बढ़ावा देना। कभी रिम्स-2 का विरोध, कभी गोड्डा होम्योपैथिक कॉलेज पर राजनीति- भाजपा की सोच है कि गरीब इलाज के लिए मजबूर हो और अमीर लाभ पायें।
हेमंत सरकार ने सुधार की नींव रखी है
गोड्डा होम्योपैथिक कॉलेज के लिए राज्य सरकार ने बजट स्वीकृत किया है। शिक्षक बहाली, छात्रावास की व्यवस्था, इंटर्न स्टाइपेंड की समीक्षा और अधोसंरचना विकास जैसे मुद्दों पर गंभीरता से काम चल रहा है। भाजपा ने जहां गड्ढा खोदा, वहीं से हेमंत सरकार ने स्वस्थ झारखंड की नींव रखनी शुरू की है।
हेमंत सरकार के कार्यकाल में स्वास्थ्य क्षेत्र में कई ठोस और जनहितकारी कदम उठाये गये हैं। सरकारी अस्पतालों की सुविधाओं का विस्तार किया गया है, रिम्स जैसे संस्थानों को आधुनिक उपकरणों और सेवाओं से सुसज्जित किया गया है और नये मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की दिशा में तेजी से कार्य हुआ है।
गांव-गांव तक स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस सेवा और मोबाइल मेडिकल यूनिट की व्यवस्था की गयी है। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की बहाली से स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती मिली है। कोविड काल में सरकार ने सीमित संसाधनों में प्रभावी प्रबंधन कर राज्य को सुरक्षित रखा।
गरीबों के लिए मुफ्त इलाज, गंभीर बीमारियों के लिए आर्थिक सहायता और सस्ती दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गयी है। मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। साथ ही आयुष और होम्योपैथी चिकित्सा को सशक्त करने के लिए जरूरी कदम उठाये गये हैं।
भाजपा को सलाह : झूठ की राजनीति बंद करें
भाजपा नेताओं को सलाह है कि वे जनता को गुमराह करने की बजाय अपने कार्यकाल की हकीकत का सामना करें। झारखंड की जनता अब सब समझ चुकी है और झामुमो की सरकार को काम और ईमानदारी के आधार पर समर्थन दे रही है।