टीम एबीएन, रांची। सुखलाल महतो आत्मदाह प्रकरण तुल पकड़ते जा रहा है, सुखदेव महतो को रिम्स में इलाजरत डॉ 14/06/2025 को रात्रि 10:30 बजे मृत घोषित कर दिया लेकिन प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवार के बयान दर्ज करने में आनाकानी करने लगे जिसके वजह से पीड़ित परिवार द्वारा जेएलकेएम आंदोलनकारी नेता देवेन्द्र नाथ महतो को सूचना दिया गया।
मौके पर देवेन्द्र नाथ महतो समेत भारी संख्या में आदमी पहुंचे रिम्स पुलिस कंट्रोल रूम दिन भर आंदोलन का दृश्य देखा गया। देवेंद्र नाथ महतो और पुलिस प्रशासन के बीच नोंक झोंक हुई, डुमरी विधायक जयराम महतो भी टेलीफोनिक वार्ता किया। अंत में देर शाम 4:00 बजे पीड़ित परिवार के अनुसार बयान दर्ज करने के पश्चात् सुखलाल महतो का पोस्टमार्टम कराया गया।
सुखलाल महतो तीन बेटी अंजू देवी, ललिता देवी और शोभा देवी एवं इकलौता बेटा जितेंद्र महतो तथा पत्नी श्यामवती देवी को छोड़कर चल बसे। मौके पर देवेन्द्र नाथ महतो ने बताया कि सुखलाल महतो भ्रष्टाचार से तंग आकर बर्दास्त नहीं कर पाने के वजह से खुद को कुरबानी कर दिया। झारखंड में भ्रष्टाचार हावी है निरंकुश शासन चल रहा है। दुर्भाग्य की बात है कि पीड़िता परिवार के बयान दर्ज कराने के लिए पांच पांच घंटा संघर्ष करना पड़ता है।
उन्होंने सरकार से मांग किया है गंभीर मामला को संज्ञान में लेते हुए उच्च स्तरीय एसआईटी टीम गठित करते हुए फास्ट्रैक कोर्ट में सुनवाई करते हुए दोषियों पर त्वरित कड़ी करवाई किया जाय। तथा सुखदेव के पुत्र को सरकारी नौकरी एवं पत्नी को वेतन के बराबर पेंशन दिया जाय तथा आश्रित परिवार को एक करोड़ मुआवजा दिया जाय।
मौके पर स्व० सुखलाल महतो बेटा जितेंद्र ने बताया कि कि 24/05/2025 को डुमरी प्रखंड विकास पदाधिकारी के नाम पत्र लिखकर भ्रष्टाचार से तंग अपना दर्द जाहिर किया था लेकिन किसी भी प्रकार से न्यायिक करवाई नहीं हुआ अपमान को बर्दाश्त नहीं कर पाने के वजह से डुमरी बीडीओ समेत अन्य तीन के नाम दर्ज मानसिक प्रताड़न का आरोप लगाते हुए डुमरी विधायक जयराम महतो के नाम 13/06/2025 को आत्म दाह का खुला पत्र लिखते हुए प्रखंड परिसर में जहर खाकर आत्म दाह करने का प्रयास किया, बेहतर इलाज के लिए रिम्स में भर्ती कराया गया था।