टीम एबीएन, रांची। रांची जिला के साथ पूरे राज्य को नशा मुक्त बनाने के साथ साथ निषिद्ध मादक पदार्थ के दुरुपयोग को रोकने हेतु चार दिवसीय प्रशिक्षण से जागरूकता कार्यक्रम के तहत आज सिविल सर्जन का कार्यालय सभागार से जागरूकता रैली निकाली गयी, जिसका मुख्य संदेश यह था कि समाज को नशा मुक्त करने के साथ-साथ एक स्वस्थ जीवन जीने को प्रोत्साहित करना।
इसके तहत राज्य के हरेक व्यक्ति को नशे की लत से मुक्त कर साथ ही उसके दुष्प्रभाव से बचाना एवं उसे एक स्वस्थ जीवन की ओर वापस लाने का लक्ष्य है। सिविल सर्जन रांची डॉ प्रभात कुमार के निर्देश पर नशा मुक्त रांची बनाने हेतु यह जागरूकता रैली डीटीओ डॉ एस बास्की के नेतृत्व में निकाली गयी।
इस जागरूकता रैली में जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रवीण सिंह,जिला कंसलटेंट, टोबैको कंट्रोल सेल सुशांत कुमार, नीरज कौसिक, टाटा कैंसर केयर हॉस्पिटल सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी शामिल हुए। बता दें कि तंबाकू और अन्य मादक पदार्थों का लगातार सेवन करना स्वास्थ्य के लिए काफी घातक है इससे असमय व्यक्ति की मृत्यु तक हो जाती है।
डॉ एस बास्की ने बताया कि मादक द्रव्यों का सेवन एक गंभीर मुद्दा है जो व्यक्तियों, परिवारों और पूरे समाज को प्रभावित करता है। नशीली दवाओं के सेवन के परिणाम गंभीर हैं, जिनमें स्वास्थ्य समस्याओं से लेकर कानूनी मुद्दे और सामाजिक अलगाव तक शामिल हैं। हालांकि, शिक्षा, रोकथाम रणनीतियों और प्रभावी उपचार तक पहुंच के माध्यम से, मादक द्रव्यों के सेवन के विनाशकारी प्रभावों का मुकाबला करना संभव है।
प्रवीण सिंह, जिला कार्यक्रम प्रबंधक ने कहा कि नशा व्यक्ति के जीवन के हर पहलू को प्रभावित करता है, नशामुक्ति एक महत्वपूर्ण साधन है जो व्यक्तियों को नशे से मुक्त करता है और उन्हें समृद्ध, स्वस्थ और सामाजिक बनने में सक्षम बनाता है।
नशामुक्ति हमारे देश के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है, जिससे हमारे लोगों को एक खुशहाल जीवन मिल सकता है। सुशांत कुमार, जिला परामर्शी टोबैको कंट्रोल सेल, रांची ने बताया कि नशे की लत से मुक्ति पाने में शिक्षा और जागरूकता की अहम भूमिका होगी।