570 किलोमीटर दूरी तय कर खतियानी पदयात्रा आज पहुंचा राजभवन
09 जून को महामहिम के समक्ष वार्ता की तिथि हुई सुनिश्चित
टीम एबीएन, रांची। राज्य में एक बार फिर खतियानी लड़ाई तेज होते जा रही है। न्यायिक पदयात्रा करते हुए आज 21वें दिन खतियानी पदयात्रा राजभवन तक पहुंची। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा द्वारा आहूत खतियानी पदयात्रा आज गुरुवार को बूटी मोड़ से राज भवन गेट तक जोश-खरोश के साथ पहुंचा। संगठन के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो ने विधिवत स्वागत करते हुए क्षेत्रीय सांस्कृतिक व रीति-रिवाज मुद्रा में राजभवन तक ले पहुंचे।
खतियान 1932 को केंद्र बिंदु मानते हुए अंतिम सर्वे सेटलमेंट के आधार पर राज्य में स्थानीय नीति, नियोजन नीति, विस्थापन नीति, उद्योग नीति व सभी निकायों में क्षेत्रीय प्राथमिकता के मांग को लेकर राजभवन गेट के समक्ष एकदिवसीय धरना दिया गया। झारखंडी एकता जिंदाबाद... हेमंत सरकार होश आओ... के नारे गूंजे। राजभवन की ओर से 09 जून 2025 (सोमवार) का तिथि वार्ता लिए सुनिश्चित की गयी।
धरना स्थल में देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि बिना स्थानीय नीति का राज्य में नियुक्ति प्रक्रिया चलाना बेईमानी है। स्थानीयता विधेयक को बार-बार लटकाया, भटकाया और अटकाया जा रहा है। सरकार स्थानीयता के मामले में उदासीन है।
सरकार तत्काल झारखंडी आदिवासी मूलवासी के हक अधिकार के संरक्षण के लिए श्रम एवं नियोजन विभाग बिहार सरकार के दिनांक 03 मार्च 1982 पत्रांक संख्या 5014/81-806 को बिहार पुनर्गठन अधिनियम-2000 के धारा 85 में प्रदत शक्ति के तहत बिहार के जगह झारखंड और पटना के जगह रांची संशोधित करते हुए अंगीकृत किया जाये।
बताते चलें कि यह पदयात्रा 15 मई को उप राजधानी दुमका के फूलों-झानो चौक से आरंभ किया गया था। तय जारी रूट के अनुसार से कुल 21 विधानसभा क्षेत्र से होते हुए 570 किलोमीटर की दूरी को तय कर आज राजधानी रांची पहुंचा।
बीते दिन संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष व डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो ने इस पदयात्रा को ऐतिहासिक सफल बनाने का आह्वान किया था। आज की इस पदयात्रा में देवेंद्रनाथ महतो, अमित मंडल, विजय सिंह, अयूब अली, दमयंती मुंडा, फुलेश्वर बैठा, निशा भगत, समुद्र पाहन, महेंद्र कुमार मंडल, रुपैश विराठ, संतोष महतो, प्रेम नायक, गुणा भगत, प्रेम मार्डी आदि संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी व हजारों जनसाधारण की भारी भीड़ देखी गयी।