रांची। भाजपा के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद दीपक प्रकाश ने राज्य की महिला पत्रकार के साथ सरकार के वर्षगांठ कार्यक्रम की रिपोर्टिंग पर कांग्रेस के कार्यकर्ता द्वारा किए गए दुर्व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा की है। दीपक प्रकाश ने कहा कि महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करना,अभद्र भाषा का प्रयोग करना ये कांग्रेस पार्टी के चाल चरित्र में शामिल है। इतिहास में ऐसे कृत्यों के अनेक उदारहरण भरे पड़े हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के सत्ताधारी दल अपनी घटती लोकप्रियता से घबरा चुके हैं। सच का सामना वे नहीं कर पा रहे। उन्होंने कहा कि जिस महिला पत्रकार के साथ कल मोरहाबादी मैदान में दुर्व्यवहार किया गया, असंसदीय भाषा का प्रयोग किया गया, उसमें उसकी गलती क्या थी? कहा कि सत्ता मद में चूर लोग बताएं कि उसने खाली कुर्सियों की रिपोर्टिंग करके आखिर कौन सा गुनाह कर दिया। उन्होंने कहा की 2 साल की विफल सरकार ने अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए करोड़ों रूपए पानी की तरह खर्च किए, बड़े-बड़े झूठे विज्ञापन लगवाए। परंतु बावजूद इसके जनता का विश्वास यह सरकार हासिल नहीं कर सकी। और मुख्यमंत्री के भाषण के समय भी पांडाल में हजारों कुर्सियां खाली पड़ी थी। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल ने अपने विरोध में बोलने वालों के साथ दमन की नीति अपना ली है। ये अपनी गलतियों को सुधारने, झूठे वायदों पर पश्चाताप करने के बजाए विरोधियों को लाठी डंडों, केस मुकदमो और दुर्व्यवहारों से दबाना चाहते है। प्रकाश ने कहा कि पहले तो ये सत्ता में बैठे लोग भाजपा सहित अन्य विरोधी राजनीतिक कार्यकर्ताओं को निशाना बना रहे थे परंतु अब इन लोगों ने पत्रकारों को भी निशाना बना लिया। उन्होंने कहा कि यह सरकार लोकतंत्र की हत्या करने पर उतारू है। राज्य की बहन बेटियों की इज्जत पहले से ही असुरक्षित है। अब तो महिला पत्रकार भी असुरक्षित हो गए। जिस प्रकार सार्वजनिक स्थान पर कांग्रेस कार्यकर्ता द्वारा दुर्व्यवहार किया गया, वह राज्य में महिलाओं की स्थिति को स्वयं उजागर करता है। प्रकाश ने राज्य प्रशासन एवं सत्तारूढ़ दलों से आग्रह किया कि महिला पत्रकार से दुर्व्यवहार करने वाले पर पार्टी भी कठोर कार्रवाई करे और प्रशासन भी ऐसे व्यक्ति पर कठोर कानूनी कार्रवाई करे।