402 सदस्यीय टीम की दो दिवसीय चुनावी कार्यशाला की तैयारी, दिल्ली में होगी ट्रेनिंग
एबीएन सेंट्रल डेस्क। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग देश के सभी राज्यों के निर्वाचन अधिकारियों को नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट आॅफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट में ट्रेनिंग दे रहा है। इसी कड़ी में झारखंड के 402 सदस्य, जिनमें बीएलओ, वालेंटियर और बूथ अवेयरनेस ग्रुप (बीएजी) के लोग शामिल हैं, 19 और 20 मई को नई दिल्ली में दो दिन की कार्यशाला में हिस्सा लेंगे।
उन्होंने बताया कि कार्यशाला में आने वाले सभी लोगों के आने-जाने, रहने और खाने की पूरी व्यवस्था कर दी गयी है। साथ ही, जो लाइजनिंग आफिसर प्रतिभागियों के साथ जायेंगे, वे समन्वय का ध्यान रखें। सभी स्टेकहोल्डर अपने पहचान पत्र जरूर साथ लेकर आयें। के रवि कुमार ने गुरुवार को निर्वाचन सदन में आॅनलाइन बैठक कर सभी जिलों के उप निर्वाचन अधिकारियों और कार्यशाला में भाग लेने वाले सभी लोगों से बात की।
के रवि कुमार ने बताया कि 19 मई को आइआइडीइएम में होने वाले कार्यक्रम के पहले दिन योगा, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ बातचीत, चुनाव से जुड़े रोल प्ले, राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षकों द्वारा ट्रेनिंग और अलग-अलग स्टेकहोल्डर्स के अनुभव साझा करने जैसे काम होंगे। 20 मई को नई दिल्ली के बड़े संस्थानों का भ्रमण करने के लिए 9 बसों की भी व्यवस्था की गई है।
उन्होंने बताया कि सभी प्रतिभागियों के लिए आइआइडीइएम में रहने की सुविधा भी उपलब्ध है। आइआइडीइएम प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट भी देगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार झारखंड आए थे, तब उन्होंने यहां के वालेंटियर और बीएलओ के काम की बहुत तारीफ की थी।
मुख्य चुनाव आयुक्त के निर्देश पर झारखंड के चुनाव से जुड़े अलग-अलग स्टेकहोल्डर्स के अनुभव आइआइडीइएम में होने वाली इस कार्यशाला में साझा किये जायेंगे। इसका रिकॉर्ड बनाया जायेगा और इसे अन्य राज्यों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भी इस्तेमाल किया जायेगा।
मौके पर पलामू के उपायुक्त शशी रंजन, धनबाद की उपायुक्त माधवी मिश्रा, संबंधित विधानसभा क्षेत्र के ईआरओ, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी देव दास दत्ता, सभी जिलों के उप निर्वाचन पदाधिकारी और आइआइडीइएम में होने वाली कार्यशाला में भाग लेने वाले झारखंड के बीएलओ, वालेंटियर और बूथ अवेयरनेस ग्रुप (बीएजी) के सदस्य मौजूद थे।