टीम एबीएन, रांची। एचइसी प्रबंधन वेतन, इएसआइ और स्थायी मजदूरों की समस्या पर स्पष्ट उतर नहीं देता है, तो आंदोलन की घोषणा की जायेगी। प्रबंधन वर्ष 2018 में नियुक्त स्थायी कामगारों की पदोन्नति और वर्ष 2012 बैच में नियुक्त स्थायी कामगारों का प्रोबेशन आदेश जल्द करे। उक्त बातें हटिया मजदूर यूनियन (सीटू) की बैठक में रविवार को अध्यक्ष भवन सिंह ने कही।
उन्होंने कहा कि 28 माह का वेतन बकाया होने से कर्मी परेशान हैं। प्रबंधन मजदूरों के धैर्य की परीक्षा नहीं ले और समस्याओं पर संजीदगी दिखाये। अस्थायी कर्मियों का इएसआइ का अंशदान प्रबंधन द्वारा जमा नहीं किया जा रहा है, जो श्रम कानून का उल्लंघन है। बेहतर इलाज के अभाव में अभी तक 10 कर्मियों की मौत हो चुकी है।
अगर प्रबंधन अंशदान जमा नहीं करता है, तो इलाज का खर्च दे या मेडिकल बीमा करा दे। चिकित्सा सुविधा या खर्च लेना सप्लाई मजदूरों का कानूनी अधिकार है। प्रबंधन अगर तीनों विकल्पों में से किसी एक पर विचार नहीं करता है, तो कर्मी आंदोलनात्मक और कानूनी कदम उठायेंगे।
अध्यक्ष ने कहा कि प्रबंधन इन दिनों पैसा आने के बाद पुराने सप्लायरों को बुलाकर उनका बकाया भुगतान कर रहा है, जबकि कर्मियों के वेतन का भुगतान नहीं कर रहा है। इसका असर कर्मियों के दैनिक जीवन, इलाज, बच्चों की पढ़ाई-लिखाई पर पड़ रहा है। प्रबंधन बताये कि बकाया वेतन का भुगतान किस तिथि को होगा।
अगर बुधवार तक वेतन, इएसआइ और स्थायी मजदूरों की समस्या पर स्पष्ट उतर नहीं मिला, तो एफएफपी शेड में दोपहर एक बजे से स्थायी और सप्लाई कर्मियों की संयुक्त बैठक होगी। जिसमें अगले कार्यक्रम पर फैसला लिया जायेगा।