टीम एबीएन, झुमरी तिलैया। मजदूर वर्ग का अगुवा संगठन सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) के बैनर तले 1 मई को वीर कुंवर सिंह पार्क में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया गया. आंगनबाड़ी यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष मीरा देवी के द्वारा मजदूरों के संघर्ष का प्रतीक लाल झंडा फहराया गया। जहां शिकागो के शहीदों को लाल सलाम, दुनिया के मजदूरों एक हो, मजदूर विरोधी लेबर कोड वापस लो, साम्राज्यवाद - आतंकवाद हो बर्बाद आदि गगनभेदी नारा लगाते हुए श्रद्धांजलि दी गई।
सीटू के जिलाध्यक्ष प्रेम प्रकाश की अध्यक्षता में हुई सभा को संबोधित करते हुए सीटू के राज्य सचिव संजय पासवान ने कहा कि अमेरिका के शिकागो शहर में 3 मई 1886 को लगभग 40 हजार मजदूर 8 घंटे की काम के लिए सड़कों पर उतर आए और पुलिस ने भुखे-प्यासे मजदूरों पर गोलियां बरसाना शुरू कर दिया।
जिसमें 8 मजदूरों की शहादत हो गई, उसी समय खून से सने उन मजदूरों के कपड़ो को लाल परचम बना कर आसमान की तरफ लहरा दिया और तब से ही दुनिया भर में मई दिवस मनाया जाता है। 8 घंटे काम की उपलब्धि पर पूँजी के गिद्ध और मुनाफे के भेड़िये लपक रहे हैं। अठारह अठारह घंटे की बातें की जा रही हैं और उसके लिए सिर्फ माहौल ही नहीं बनाया जा रहा क़ानून भी बदले जा रहे हैं। रोजगार की नियमितता जो अधिकार हुआ करती थी, ठेका मजदूरी में बदलते बदलते अब आउटसोर्स कर रहे हैं।
जिला सचिव रमेश प्रजापति ने कहा कि मेहनतकश अपनी नौकरी, वेतन के लिए कड़ी मेहनत से प्राप्त अधिकारों पर शासक वर्ग के हमले के खिलाफ बहादुरी से लड़ रहा है। सीटू के जिलाध्यक्ष प्रेम प्रकाश ने आठ घंटे काम करने, जीवन यापन और सामाजिक सुरक्षा पर उनके लम्बे संघर्षों से हासिल अधिकारों को खत्म करने की साजिश का मुकाबला करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में केन्द्र की जनविरोधी व मजदूर विरोधी नीतियों और लेबर कोड के खिलाफ सीटू सहित दस केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों और केन्द्र व राज्य के कर्मचारी फेडरेशनों के संयुक्त आह्वान पर 20 मई को देशव्यापी हड़ताल कोडरमा जिला में ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में बीएसएसआर यूनियन के अध्यक्ष सुनील कुमार गुप्ता, सचिव दिलीप कुमार सिन्हा, निर्माण कामगार यूनियन के राजेन्द्र पासवान, नागेश्वर दास, अशोक रजक सहित दर्जनों लोग मौजूद थे।