- अंतरराष्ट्रीय मज़दूर दिवस पर आइस्मा का प्रतीकात्मक प्रदर्शन
टीम एबीएन, कोडरमा। अखिल भारतीय स्टेशन मास्टर संघ (आइस्मा) की केंद्रीय समिति के निर्देशानुसार अंतरराष्ट्रीय मज़दूर दिवस के अवसर पर धनबाद मंडल के स्टेशन मास्टरों ने 12 घंटे की ड्यूटी प्रणाली के विरोध में काली पट्टी बांधकर कार्य किया। मंडल सचिव विकास चंद्र यादव ने बताया कि 12 घंटे की ड्यूटी न केवल अमानवीय है, बल्कि इससे कर्मचारियों का सामाजिक और पारिवारिक जीवन भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
लगातार 12 घंटे काम करने से शारीरिक थकान के साथ-साथ मानसिक तनाव भी बढ़ता है, जिससे कर्मचारी अपने परिवार और निजी जीवन के लिए समय नहीं निकाल पाते।उन्होंने यह भी बताया कि धनबाद मंडल में फिलहाल सभी स्टेशनों पर 8 घंटे की ही ड्यूटी लागू है, लेकिन अन्य मंडलों में यह अनुचित रोस्टर अब भी लागू है।
ऐसे में धनबाद के स्टेशन मास्टरों ने सहयोग और एकता दर्शाते हुए अपने साथियों के समर्थन में यह विरोध प्रदर्शन किया।
स्टेशन मास्टरों की यह एकजुटता और जागरूकता न केवल उनके अधिकारों की रक्षा का प्रतीक है, बल्कि कार्यस्थल पर संतुलित जीवन के लिए जरूरी सुधारों की ओर भी संकेत करती है। उन्होंने मांग की कि ईआई ड्यूटी रोस्टर को अविलंब समाप्त किया जाए, ताकि कर्मचारी मानवोचित ढंग से कार्य कर सकें।