- देर से स्कूल पहुंची छात्राओं को मिला अमानवीय दंड, एक छात्रा अस्पताल में भर्ती
एबीएन न्यूज नेटवर्क, सिमरिया/ चतरा (अशोक कुमार)। सिमरिया अनुमंडल मुख्यालय स्थित मुख्यमंत्री उत्कृष्ट बालिका विद्यालय में अमानवीय दंड का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सोमवार को बगरा मोड़ ग्राम से पब्लिक बस के माध्यम से आने वाली कक्षा दसवीं की 18 छात्राएं विद्यालय में मात्र दो मिनट की देरी से पहुंचीं।
देरी का कारण स्थानीय बस सेवा में हुई थोड़ी सी देरी थी, जिसकी जानकारी पहले से ही स्कूल प्रशासन को थी। बावजूद इसके विद्यालय के शिक्षक सुभाष कुमार ने सभी छात्राओं को 100 बार कान पकड़ कर उठक-बैठक करने का कठोर दंड दे दिया। दंड के दौरान एक छात्रा की हालत बिगड़ गयी।
उसे तेज सिरदर्द, सांस लेने में तकलीफ और कमजोरी महसूस होने लगी। छात्रा बीच में ही बैठ गयी और रोने लगी। अन्य छात्राएं भी थकान और कमजोरी से जूझती रहीं। बताया गया कि कोई भी छात्रा सौ बार उठक-बैठक पूरी नहीं कर सकी। पीड़ित छात्रा मुश्किल से 60-65 बार तक ही कर पायी।
सहपाठियों की पहल पर बची जान
छात्रा की बिगड़ती हालत को देख उसकी सहपाठियों ने उसे क्लासरूम में ले जाकर प्राचार्य को सूचित किया, लेकिन किसी शिक्षक ने उपचार के लिए पहल नहीं की। परिजनों को फोन से सूचना दी गयी, जिसके बाद वे बगरा से सिमरिया पहुंचकर छात्रा को सिमरिया रेफरल अस्पताल में भर्ती कराये। मौके पर मौजूद चिकित्सक डॉ अफान अहमद ने बताया कि छात्रा डिहाइड्रेशन, घबराहट और मानसिक तनाव में थी। उसे तत्काल आॅक्सीजन और सलाइन देकर उपचार शुरू किया गया।
क्या है छात्राओं का दोष
छात्राओं ने बताया कि वे प्रतिदिन 10 किलोमीटर दूर बगरा मोड़ से पब्लिक बस से स्कूल आती हैं। सुबह जल्दी निकलने के बावजूद बस की अनियमितता के कारण कभी-कभी दो-चार मिनट की देरी हो जाती है। बावजूद इसके शिक्षक किसी की बात नहीं सुनते और दंड थोप देते हैं।
अभिभावकों में आक्रोश
इस घटना को लेकर अभिभावकों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों ने इस क्रूरता पूर्ण व्यवहार के लिए संबंधित शिक्षक और स्कूल प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि विद्यालय, जहां बच्चों को सुरक्षा और सहयोग मिलना चाहिए, वहां इस तरह की प्रताड़ना निंदनीय है। फिलहाल स्कूल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन इस घटना ने विद्यालय में अनुशासन के नाम पर हो रही अमानवीय घटनाओं पर सवाल खड़े कर दिये हैं।