टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 21 अप्रैल 2025 को हरमू स्थित आदिश वैलनेस एंड थेरेपी सेंटर में समदृष्टि क्षमता विकास एवं अनुसंधान मंडल (सक्षम), झारखंड प्रांत इकाई के तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य दिव्यांगजन के पुनर्वास में अभिभावकों की भूमिका पर गंभीर विमर्श करना था।
गोष्ठी में सक्षम के राष्ट्रीय सह सचिव चंद्रभूषण पाठक जी का विशेष मार्गदर्शन प्राप्त हुआ, जिनके प्रखर विचारों ने विषय की गंभीरता और समसामयिकता को और अधिक स्पष्टता प्रदान की। गोष्ठी में विभिन्न विशेषज्ञों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अभिभावकों ने भाग लिया और अपने बहुमूल्य विचार साझा किए।
मौके पर प्रमुख वक्ताओं में अशोक अग्रवाल समाजसेवी एवं दिव्यांग कल्याण क्षेत्र में सक्रिय कार्यकर्ता, डॉ दीपक प्रसाद रंगकर्मी, निर्देशक, लेखक, शिक्षाविद एवं सामाजिक चेतना से जुड़ी अनेक पहल का हिस्सा, ज्योति शाह मनोवैज्ञानिक एवं दिव्यांगजन के सामाजिक समावेश पर कार्यरत, संतोष जैसवाल वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता, राजू सिंह निदेशक, बिरसा विकलांग उत्थान समिति, अभिमन्यु दिव्यांगजनों के अधिकारों के लिए सक्रिय युवा प्रतिनिधि डॉ अनुराधा वत्स स्वास्थ्य विशेषज्ञ एवं पुनर्वास पर कार्यरत।
इस विचार गोष्ठी में अभिभावकों ने भी खुलकर अपने अनुभव, चुनौतियां और आवश्यकताओं को साझा किया। कई अभिभावकों ने अपने बच्चों के पुनर्वास में आने वाली सामाजिक एवं मानसिक बाधाओं की चर्चा की, वहीं कुछ ने सफल पुनर्वास की प्रेरणादायक कहानियां भी साझा कीं।
कार्यक्रम में यह निष्कर्ष निकल कर आया कि दिव्यांगजनों के सर्वांगीण विकास के लिए न केवल संस्थागत सहयोग आवश्यक है, बल्कि परिवार, समाज और नीति-निर्माताओं को भी संवेदनशील और सक्रिय भूमिका निभानी होगी। गोष्ठी का समापन सहभागियों के बीच सकारात्मक संवाद और भविष्य की रणनीति पर सहमति के साथ हुआ। सक्षम झारखंड प्रान्त इकाई ने भविष्य में भी इस प्रकार के विमर्शों और क्रियाशील कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करने का संकल्प लिया।