टीम एबीएन, रांची। पुण्य शुक्रवार प्रभु यीशु के दुखभोग का स्मरण दिवस के अवसर पर लूर्द की माता मरियम गिरजाघर सामलॉन्ग में पल्ली पुरोहित फादर मैक्सिमियस टोप्पो की अगुवाई में युवा संघ के द्वारा जीवंत क्रूस रास्ता की प्रस्तुति की गई।
इसके अंतर्गत प्रभु यीशु को पिलातूश के द्वारा प्राणदंड आदेश, यीशु को सिर पर कांटों का मुकुट पहनाना, सिपाहियों द्वारा यीशु को कोड़ों और लात घुसो की मार, भारी क्रूस ढोकर कलवारी की यात्रा, वेरोनिका नामक नारी द्वारा यीशु के लहूलुहान चेहरा को पोछना, दुःखित नारियों को यीशु का सांत्वना, यीशु का वस्त्र हरण, क्रूस पर किलों से यीशु के हाथ पांव ठोक कर पहाड़ पर खड़ा करना, यीशु के मृत शरीर के छाती पर भले का प्रहार, यीशु के शरीर को माता मरियम द्वारा प्यार करना और यीशु के मृत शरीर को कब्र में रख देने का दृश्य को युवाओं ने बखूबी से प्रस्तुत किया।
युवाओं द्वारा पीलातूस की भूमिका एरोन भूतकुमार, यीशु की भूमिका निर्मल इक्का माता मरियम। सिरनी सिमोन नितेश भेंगरा, बेरोनिका इलियाना इवाना एक्का, निकोडिम अश्विन कुजूर, बरबस की भूमिका को निखार खलखो ने बड़ी ही बेखूबी से भूमिका को निभाया। क्रूस रास्ता की विधि के बाद विश्वव्यापी शांति और भाईचारे के लिए प्रार्थना की गई।
उपस्थित छोटे बड़े बुजुर्ग सबों के द्वारा क्रूसित प्रभु यीशु की आराधना कर क्रूस का चुंबन किया गया। इस अवसर पर पल्ली के विभिन्न संस्थाओं के धर्म बंधु धर्म बहनें, कैथोलिक सभा के सभापति विंसेंट केरकेट्टा, महिला संघ की सभानेत्री बड़े बुजुर्ग युवा युवती और बच्चे शामिल हुए।