एबीएन सेंट्रल डेस्क। विगत दिनों आनंदपुर धाम के धार्मिक कार्यक्रम में संबोधन के क्रम में पीएम मोदी ने आनंदपुर धाम को स्वामी अद्वैतानंद महाराज का समाधि स्थल बोल दिया। यह बड़ी भूल है। पीएम मोदी दुनिया के सबसे शीर्ष नेताओं में शुमार है। इस विषय पर ब्रह्म विद्यालय आश्रम छोटका राजपुर बक्सर बिहार के वर्तमान स्वामी सत्यानंदजी परमहंस ने बताया कि परमहंस दयाल जी का जन्म छपरा में हुआ था और उनको ज्ञान भी छपरा में ही प्राप्त हुआ। उन्होंने अपनी भक्ति यात्रा छपरा से जयपुर होते हुए टेरी जो अभी पाकिस्तान में हैं वहां तक की।
टेरी में उन्होंने अपने ब्रह्म विद्यालय आश्रम की स्थापना करके भक्ति को फैलाया। वहीं उनकी समाधि स्थल भी है क्योंकि उन्होंने अपरा शरीर वहीं छोड़ा। स्वामी सत्यानंद जी ने कहा कि पीएम का संबोधन को पूरी दुनिया सुनती है जिससे गलत जानकारी लोगों तक जायेगी। महात्मा बुुद्ध, शंकराचार्य के समतुल्य रहे स्वामी अद्वैतानंद के जीवन में छपरा जन्म स्थल और टेरी जो अब पाकिस्तान में है वह आश्रम सह स्माधि स्थल है।
आनंदपुर धाम एमपी में, नागंली धाम यूपी में गढ़वाघाट आश्रम काशी में और ब्रह्म विद्यालय आश्रम छोटका राजपुर, बक्सर बिहार में स्थित है जहां आज भी अद्धैतानंद महाराज के दिखाये मार्ग पर ज्ञान और भक्ति की शिक्षा दे रहे हैं।
स्वामी अद्वैतानंद जी के पूरे दुनिया में लाखों शिष्य हैं इसलिए भ्रम की स्थिति न हो, भारत की परंपरा दुनिया में श्रेष्ठ है और स्वामी अद्धैतानंद इसके प्रखर स्तंभ हैं। वर्तमान समय में ब्रह्म विद्यालय आश्रम की रांची सहित पूरे देश में कुटी है। 108 स्वामी सत्यानंदजी परमहंस रांची स्थित बसारगढ़ आश्रम में प्रवास कर रहे हैं, जहां वे 21 अपै्रल तक सत्संग करेंगे।