मंत्री हफीजुल हसन के बयान के विरोध में भाजपा का आक्रोश, वक्फ बोर्ड मामले में कही थी ये बात
टीम एबीएन, रांची। केंद्र सरकार द्वारा लाया गया वक्फ बोर्ड नया कानून देश की राजनीति में हलचल पैदा कर चुका है। दरअसल, मोदी सरकार द्वारा वक्फ बोर्ड के कार्यों पर संशोधन करने के लिए एक नया कानून लाया गया है, जो कि देश भर में चर्चा का विषय बन चुका है।
बता दें कि वक्फ नया कानून लागू होने के बाद मुस्लिम समुदाय अपना विरोध व्यक्त कर रहा है। वहीं, विपक्षी दल भाजपा पर निशाना साधते हुए नजर आ रहे हैं। वक्फ बोर्ड पर लाए गए नए कानून पर झारखंड सरकार के अल्पसंख्यक मंत्री हफीजुल हसन ने बयान देते हुए कहा था कि संविधान हमारे हाथों में है और शरीयत हमारे दिल में।
उन्होंने सख्त तेवर अपनाते हुए कहा था, मुसलमान पहले शरीयत उसके बाद संविधान को महत्व देते हैं और केंद्र सरकार ज्यादा भड़काये नहीं। मंत्री ने कहा था, अगर ऐसा हुआ तो सड़कों पर मारकाट तक हो सकती है। मंत्री हफीजुल हसन के इस बयान पर राज्य में सियासत गरमा चुकी है।
भाजपा मंत्री द्वारा दिए गए बयान पर जोरदार विरोध व्यक्त कर रही है। आज भाजपा द्वारा आक्रोश मार्च निकालकर मंत्री हफीजुल हसन द्वारा दिये गये बयान का जमकर विरोध किया गया। आक्रोश मार्च के दौरान काफी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
हाथों में संविधान की किताब लेकर भाजपा नेता आक्रोश मार्च में पहुंचे
भाजपा द्वारा निकाले गये आक्रोश मार्च में भाजपा के तमाम बड़े नेताओं ने अपने हाथों में संविधान की किताब लेकर पहुंचे। भाजपा नेताओं का आरोप है, झारखंड सरकार के मंत्री हफीजुल हसन ने सिर्फ और सिर्फ संविधान का अपमान करने का काम किया है। आक्रोश मार्च के बाद भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात कर मामले की जानकारी दी।