टीम एबीएन, रांची। आज रांची कैथोलिक महाधर्मप्रांत में क्रिज्म मिस्सा बलिदान अर्पित किया गया। इस क्रिज्म मिस्सा बलिदान की अगुवाई रांची कैथोलिक महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद ने किया और पवित्र तेलों की आशीष की।
कैथोलिक विश्वासियों के लिए क्रिज्म मिस्सा एक विशेष धर्मविधि होती है। इस धर्मविधि मिस्सा बलिदान के दौरान तीन प्रकार के तेल; पवित्र विलेपन का तेल, बीमारों का तेल एवं दीक्षार्थियों का तेल की आशीष की जाती है। साथ ही सभी पुरोहितों इस क्रिज्म मिस्सा बलिदान में धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष के प्रति अपनी आज्ञाकारिता एवं अभिषेक के वक्त पुरोहित द्वारा किया गया प्रतिज्ञा का नवीनीकरण करते हैं।
इस क्रिज्म मिस्सा बलिदान की अगुवाई रांची कैथोलिक महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद ने की। अपने धर्मोपदेश में उन्होंने कहा पीड़ितों एवं जरूरतमंदों की सेवा में अपने जीवन को समर्पित करना ही वास्तविक अर्थ में पुरोहिताई है। दूसरों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना ही कलीसिया का उद्देश्य है। इन तेलों की आशीष की जाती है ताकि हम इसके द्वारा चंगाई के मिशन कार्य को आगे बढ़ाये।
इस दौरान उन्होंने लोगों के प्रति किए गए अपने गलतियों के लिए क्षमा की याचना करते हुए अपने लिए एवं सभी पुरोहितों के लिए प्रार्थना करने की विशेष अर्जी की। महाधर्माध्यक्ष ने पुरोहितों को उनकी जिम्मेदारी का निर्वाहन करने में सभी से साथ देने का भी अनुरोध किया। मिस्सा बलिदान के दौरान बीमारों के तेल की आशीष की गयी। मिस्सा के अंत में पवित्र विलेपन
एवं दीक्षार्थियों के तेल की आशीष के साथ क्रिज्म मिस्सा बलिदान समाप्त हुआ। सभी पुरोहितगण ने एक दूसरे को शुभकामनाएं एवं बाधाएं दीं और अपने गंतव्य स्थान के लिए प्रस्थान किया। इस क्रिज्म मिस्सा बलिदान में रांची कैथोलिक महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद, रांची येसु धर्मसंघ के प्रोविंशियल फा अजीत कुमार खेस्स, संत मारिया गिरजाघर के पल्ली पुरोहित फा आनंद डेविड खलखो, फा वीरेंद्र खलखो, फा प्रफुल तिग्गा, फा बिपिन कंडुलना, फा रॉबर्ट मिंज के अलावा 150 अन्य पुरोहितगण धर्मबंधुगण, धर्मबहनें एवं हजारों ख्रीस्त विश्वासी शामिल हुए।