रांची। 30 दिसम्बर को एचईसी स्थापना दिवस पर सामाजिक संगठनों, क्षेत्रीय पड़हा समिति हटिया, आदिवासी अधिकार मंच, रांची एयरपोर्ट विस्थापित मोर्चा, हटिया विस्थापित परिवार समिति, केन्द्रीय सरना समिति, खतियानी रैयत बचाव मंच, रांची मास्टर प्लान संघर्ष समिति, अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद आदि संगठनों ने धरना दिया। महाधरना के पूर्व बिरसा चौक में बिरसा मुंडा के प्रतिमा और गोलचक्कर (शहीद ठाकुर विश्वनाथ सहदेव चौक) पर दोनों शहीद महापुरूषों की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। सभा की अध्यक्षता सुभाष मुंडा और सभा का संचालन पडहा अध्यक्ष अजीत उरांव ने किया। सभा को सम्बोधित करते हुए सुभाष मुंडा ने कहा कि एचईसी विस्थापित लोग 60 वर्ष के बाद आज भी पुनर्वास की बाट जोह रहे हैं। 10-20 डिसमिल के आवांटित जमीन की मालिकाना हक नहीं मिला आदिवासी प्रमाण पत्र नहीं मिलता है सरकारी सहायता एवं रोजगार से वंचित हैं। एचईसी प्रबंधन, हेमन्त सोरेन सरकार, केंद्र की मोदी सरकार यदि समय रहते विस्थापितों का पुनर्वास नहीं किया तो रेल और सड़क जाम किया जायेगा, जिसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार और केन्द्र सरकार की होगी।अजीत उरांव, प्रफुल्ल लिंडा, तारकेश्वर नाथ शाहदेव, पंकज नाथ सहदेव, मुख्तार अंसारी मो इब्राहिम प्रकाश टोप्पो, मदिया कच्छप, पार्षद पुष्पा तिर्की सुरेश गोप निकोलस एक्का और महेश मुंडा ने सम्बोधित किया।