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कोरोना : आंगनबाड़ी केंद्र बंद करने की मांग, बकाया वेतन के लिए 5 को प्रदर्शन करेंगी सेविकाएं

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कोरोना : आंगनबाड़ी केंद्र बंद करने की मांग, बकाया वेतन के लिए 5 को प्रदर्शन करेंगी सेविकाएं
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कोडरमा। जिले में लगातार कोरोना के बढ़ते मामलों पर चिंता जाहिर करते हुए आंगनबाड़ी केन्द्रों को अविलंब बंद करने की मांग सीटू ने किया है। उक्त प्रस्ताव झारखंड राज्य आंगनबाड़ी सेविका सहायिका पोषण सखी संघ (सीटू) की बैठक में लिया गया। बैठक ब्लॉक परिसर स्थित पार्क में उर्मिला देवी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में चार माह से बकाया पोषाहार राशि और सेविका सहायिका का तीन माह से बकाया मानदेय भुगतान के लिए, बिना मोबाइल व डेटा रिचार्ज के पोषण ट्रैकर ऐप पर काम बंद करने, हेमन्त सरकार का वादा 10 हजार रुपये मानदेय चालू करने की मांग सहित अन्य मांगों पर 5 जनवरी को उपायुक्त के समक्ष सेविका शायिकाओं ने प्रदर्शन करने का निर्णय लिया। बैठक को संबोधित करते हुए सीटू के राज्य कमिटी सदस्य और मजदूर नेता संजय पासवान ने कहा कि समाज कल्याण विभाग आंगनबाड़ी सेविकाओं को सभी तरह के डेटा पोषण ट्रैकर ऐप पर लोड करने का दबाव बना रहा है, जबकि पांच साल पूर्व निम्न दर्जे का टू-जी मोबाइल फोन दिया गया था, जो अब खराब है, विभाग से मिले सिम कार्ड में रिचार्ज नहीं किया जा रहा है। ऐसे में ऐप पर डेटा लोड करने का दबाव बनाया नहीं जा सकता है। इसलिए आंगनबाड़ी सेविका को अविलंब नया स्मार्ट फोन और डेटा रिचार्ज की व्यवस्था किया जाए। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के द्वारा नई शिक्षा नीति के तहत प्ले वे स्कूलों के नाम पर आंगनबाड़ी केन्द्रों को स्कूल में मर्ज कर आंगनबाड़ी का निजीकरण करने की साजिश की जा रही है। जिसके खिलाफ 23-24 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल किया जाएगा। आंगनबाड़ी संघ की प्रदेश अध्यक्ष मीरा देवी ने कहा कि कोरोना काल में दो साल के दौरान आंगनबाड़ी केंद्र के लाभुक वर्ग गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और 6 से तीन वर्ष के बच्चों को जेएसएलपीएस के द्वारा मिलने वाला पोषाहार टेक होम राशन (टीएचआर) कई माह से नहीं दिया जा रहा है और जिसके कारण कुपोषण बढ़ रहा है। जिला सचिव वर्षा रानी ने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों को प्रतिदन खिचड़ी के लिए एफसीआई से मिलने वाला चावल भी नियमित रूप से नहीं मिलता है और गोदाम से वजन भी कम दिया जा रहा है। इसलिए चावल जन वितरण प्रणाली की दुकानों से दी जाय। बैठक में चिंतामणी देवी, उर्मिला देवी, कविता यादव, संगीता सिन्हा, सुप्रीती कुमारी, मीना देवी, गीता देवी, रीना देवी, माधुरी देवी, सुनीता सिंह, फरजाना खातुन, ललिता देवी, संजू देवी, उषा कुमारी, किरण देवी, कांति देवी, बिमला कुमारी, किरण देवी, रेखा देवी, कुंती देवी, अर्चना देवी आदि मौजूद थे।
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