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अलकतरा घोटाला : सीबीआई ने वर्ष 1997 में दर्ज किया था केस, 24 साल बाद भी आरोप तय नहीं

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अलकतरा घोटाला : सीबीआई ने वर्ष 1997 में दर्ज किया था केस, 24 साल बाद भी आरोप तय नहीं
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रांची। संयुक्त बिहार के पूर्व पथ निर्माण मंत्री मो इलियास हुसैन से जुड़े 24 साल पुराने करोड़ों रुपये के अलकतरा घोटाले में सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई जारी है। हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने घोटाले को लेकर अलग-अलग नौ केस दर्ज किया था। इसमें से अब तक तीन मामले में फैसला आया है। इलियास हुसैन को दो मामले में चार से पांच साल तक की सजा सुनाई गयी है। इसके अलावा अन्य 16 आरोपियों को भी सजा सुनाई जा चुकी है। लंबी सुनवाई के दौरान दो दर्जन से अधिक आरोपियों की मौत हो चुकी है। वहीं कांड संख्या आरसी 9/1997 मामले में तो अब तक आरोपियों के खिलाफ आरोप तय नहीं किया जा सका है। अन्य मामलों में सीबीआई की ओर से गवाही जारी है। कोविड-19 प्रकोप के कारण पिछले डेढ़ साल से अलकतरा घोटाले की सुनवाई पूरी तरह से प्रभावित रही। लेकिन 17 अगस्त से सप्ताह में तीन दिन फिजिकल कोर्ट एवं अक्तूबर से पूरी तरह फिजिकल कोर्ट प्रारंभ होने के साथ ही सुनवाई प्रारंभ हुई। जिस मामले में अब तक आरोप तय नहीं हुआ है, उस पर अदालत सख्त है। वर्ष 1994 में आरसीडी रोड डिवीजन हजारीबाग, गुमला, चतरा, डालटेनगंज समेत अन्य जिलों में सड़कों का निर्माण कार्य किया जाना था। इसके लिए हल्दिया ऑयल रिफाइनरी कोलकाता से अलकतरा आना था, लेकिन मंत्री व इंजीनियरों ने कम्पनी से साठगांठ कर सरकार को करोड़ों का चूना लगाया। कई मीट्रिक टन अलकतरा अवैध तरीके से बेच दिया गया। इसकी कीमत उस समय करोड़ों रुपये थी।
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