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शक्ति और भक्ति का शानदार प्रतीक है हनुमान जन्मोत्सव

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शक्ति और भक्ति का शानदार प्रतीक है हनुमान जन्मोत्सव
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हनुमान जन्मोत्सव 12 अप्रैल को शक्ति और भक्ति का प्रतीक

यह पर्व हमें भक्ति, साहस, बल, विश्वास और सत्य के मार्ग पर चलने का देता है संदेश : संजय सर्राफ

टीम एबीएन, रांची। हनुमान जन्मोत्सव पूरे भारत में पूरी श्रद्धा के साथ मनाये जाने वाले प्रमुख हिंदू त्योहारों में से एक है। विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग एवं श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि हनुमान जयंती भगवान हनुमान के जन्म का प्रतीक है और इसे हनुमान जन्मोत्सव के रूप में भी जाना जाता है। यह हर साल चैत्र माह की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। 

इस वर्ष हनुमान जयंती त्यौहार 12 अप्रैल को मनाया जायेगा, इस वर्ष हनुमान जन्मोत्सव यानी चैत्र महीने की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 12 अप्रैल को सुबह 3 बजकर 21 मिनट पर होगी। वहीं इसका समापन अगले दिन 13 अप्रैल को सुबह 5 बजकर 51 मिनट पर होगा हिंदू धर्म में उदया तिथि का विशेष महत्व है ऐसे मे हनुमान जन्मोत्सव का पर्व 12 अप्रैल को मनाया जायेगा। 

कई लोगों का मानना है कि इस दिन सच्ची श्रद्धा के साथ हनुमान जी की पूजा करने से बाधाएं दूर होती हैं और शक्ति और शांति मिलती है। यही कारण है कि उन्हें संकटमोचन के नाम से भी जाना जाता है। हनुमान जयंती पर लोग सुबह जल्दी उठते हैं, स्नान करते हैं और घर या मंदिरों में विशेष पूजा करते हैं। कुछ लोग अनुष्ठान के हिस्से के रूप में सुंदरकांड का पाठ भी आयोजित करते हैं। हनुमान जयंती भगवान हनुमान के जन्म दिवस के रूप में प्रसिद्ध है।

हनुमान जी जिन्हें बजरंगबली, पवनसुत, महाबली, और अंजनी कुमार के नाम से भी जाना जाता है। हिन्दू धर्म के सबसे प्रिय और पूज्य देवता हैं। उनका जीवन साहस, भक्ति, और निस्वार्थ सेवा का प्रतीक है। हनुमान जी का जन्म अंजनी और केसरी के घर हुआ था और उन्हें आशीर्वाद प्राप्त था कि वे अमर रहेंगे और संसार के सभी कष्टों को हरने की क्षमता रखेंगे। हनुमान जी की उपासना विशेष रूप से शक्ति, समर्पण और भक्ति के लिए की जाती है। 

श्रीराम के प्रति उनकी असीम श्रद्धा और निष्ठा को देखकर उन्हें रामदूत कहा जाता है। उन्होंने राम के रघुकुल धर्म के लिए अपनी जीवन की परवाह नहीं की और उन्हें हर कष्ट में सहायता दी। हनुमान जयंती के दिन विशेष रूप से हनुमान जी के मंदिरों में पूजा-अर्चना, भजन कीर्तन और हवन किए जाते हैं। इस दिन भक्त हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं, जो उनके प्रति आस्था और भक्ति को प्रकट करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। 

इस दिन हनुमान जी की पूजा से जीवन में सुख-शांति, बल, बुद्धि, और समृद्धि की प्राप्ति होती है, ऐसा विश्वास है। विशेष रूप से युवा पीढ़ी में हनुमान जी की उपासना बहुत लोकप्रिय है, क्योंकि वे शक्ति, साहस और समर्पण के प्रतीक हैं। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि कठिनाइयों और बाधाओं के बावजूद अगर हम भगवान के प्रति सच्ची भक्ति और समर्पण रखते हैं, तो कोई भी समस्या हमारे रास्ते की रुकावट नहीं बन सकती। 

हनुमान जी की पूजा से मानसिक शांति और आंतरिक शक्ति मिलती है, जो जीवन को सकारात्मक दिशा में मोड़ने में मदद करती है।हनुमान जयंती का पर्व हमें भगवान हनुमान की भक्ति, बल, और अडिग विश्वास का संदेश देता है। यह दिन हमें प्रेरित करता है कि हम भी अपने जीवन में भक्ति, साहस, और सत्य के मार्ग पर चलें।

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