अल्लाह ताअला की बारगाह में हजारों हाथों ने मुल्क की अमन, चैन, शांति व सद्भाव के लिए दुआ मांगी
भूलकर शिकवे-गिले
एक-दूजे से गले मिले
टीम एबीएन, कोडरमा। जिला में ईद उल फितर की नमाज सौहार्दपूर्ण वातावरण में मंगलवार को संपन्न हुआ। मौके पर अल्लाह ताअला की बारगाह में हजारों हाथों ने मुल्क की अमन, चैन, शांति व सद्भाव के लिए दुआ मांगी। ईद उल फितर की नमाज के बाद अधिकांश लोग सोशल मीडिया, व्हाट्सएप व मोबाइल के जरिए एक दूसरे को ईद उल फितर की मुबारकबाद देते नजर आये। मौके पर ईदगाहो व मस्जिदों में लोग एक दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद पेश किया।
वहीं लोग टोलियां बनाकर घर घर जाकर मीठी सेवइयां का लुत्फ उठाया और ईद मुबारकबाद पेश किया। ईद को लेकर चारों और उल्लास का माहौल देखा गया। बच्चे से लेकर बड़े सभी नए कपड़ों में सज कर ईदगाह व मस्जिद पहुंचे थे। जहां लोगों ने ईद उल फितर की विशेष नमाज अदा की। नमाज के बाद लोगों ने एक दूसरे को मुसाफा किया और गले मिलकर ईद की ढेर सारी बधाइयां दी। मौके पर लोगों ने गिले-शिकवे भूलकर एक दूसरे से गले मिले।
गिले-शिकवे भुलाकर गले मिलते हैं और सेवइयां अमूमन तल्खी की कड़वाहट को मिठास में बदल देती है : मुफ्ती नसीम
जिला के तमाम मस्जिदों में वहां के इमामों ने कहा कि ईद खुशी का त्योहार है। उन्होंने कहा कि इस ईद की खुशी में जरूरतमंदों का ख्याल रखते हुए उन्हें अपने खुशी में शामिल करना ही ईद का मुख्य मकसद है। इसलिए लोगों को जायदा से जायदा गरीब, असहाय, बेबश व जरूरतमंद लोगों को मदद पहुंचा कर अल्लाह को राजी करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि इस्लाम मजहब पीस का संदेश देता है और इस्लाम का मायना ही शांति व सद्भाव है, इसलिए हम लोगों को ईद के मौके पर सभी लोगों की भावनाओं का कद्र करते हुए इस खुशी की त्यौहार में अमन चैन व भाईचारे के रिश्ते को मजबूत बनाने का संदेश देने की जरूरत है। ईद के मौके पर शहर-ए-काजी मुफ्ती नसीम साहब ने कहा कि ईद का त्यौहार खासतौर पर भारतीय समाज के ताने-बाने और उसकी भाईचारे की सदियों पुरानी परंपरा का वाहक है।
इस दिन विभिन्न धर्मों के लोग गिले-शिकवे भुलाकर एक दूसरे से गले मिलते हैं और सेवइयां अमूमन उनकी तल्खी की कड़वाहट को मिठास में बदल देती है। उन्होंने कहा कि ईद उल फितर एक रूहानी महीने में कड़ी आजमाइश के बाद रोजेदार को अल्लाह की तरफ से मिलने वाला रूहानी इनाम है। उन्होंने कहा कि सेवइयों में लिपटी मोहब्बत की मिठास का त्योहार ईद उल फितर है। भूख, प्यास सहन करके एक महीने तक सिर्फ खुदा को याद करने वाले रोजेदारों का अल्लाह का यह इनाम है।
मस्जिदों व ईदगाहो में चहल-पहल रही,परिवार व दोस्तों संग ईद की सेवइयां का लुत्फ उठाया
ईद के मौके पर मस्जिदों व ईदगाहो में चहल-पहल देखी गई। इन स्थानों पर विभिन्न तरह के दुकाने लगी रही, जहां लोगों ने जमकर खरीदारी की। ईद में मिठाई व व्यंजन के सामानों के दुकानदारों और गोलगप्पे के दुकानो में ज्यादा भीड़ देखी गयी।
वहीं नमाज के बाद लोगों ने परिवार व दोस्तों संग ईद की सेवइयां का लुत्फ उठाया। वहीं ईद की नमाज के बाद युवकों की टोली व सभी वर्ग के उम्र के लोगों घरों में जाकर सेवइयां का लुत्फ उठाया। मौके पर लोगों ने एक दूसरों को ईद की मुबारकबाद पेश किया।
विधि व्यवस्था को लेकर पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद नजर आयी
ईद की नमाज को लेकर प्रशासन की ओर से विधि व्यवस्था को लेकर दंडाधिकारी व पुलिस बल की तैनाती की गई थी। विधि व्यवस्था संधारण को लेकर पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद नजर आयी। स्वयं उपायुक्त, एसपी ने विधि व्यवस्था पर पैनी नजर रखे हुए थे और संबंधित थाना के थाना प्रभारी, बीडीओ और सीओ भी अपने-अपने क्षेत्रों में विधि व्यवस्था की कमान संभाले देखे गये।