टीम एबीएन, रांची। मुस्लिम समुदाय के पवित्र माह रमजानुल मुबारक महीने के आखरी जुमा की नमाज रांची की सभी मस्जिदों में अपने अपने निर्धारित समय पर अदा की गई। राजधानी रांची के लगभग सभी मस्जिदों में मुसलमानों ने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, जमीयत उलेमा ए हिंद और इमारत शरिया के आह्वान पर वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ हाथों पर काली पट्टी बांध कर नमाज अदा की।
इस महीने का अलविदा जुमा होने के कारण बच्चों में जहां उत्साह था वहीं बड़े बुजुर्ग केंद्र सरकार के वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ नज़र आए। सभी ने एक आवाज में कहा हमें वक्फ संशोधन बिल मंजूर नहीं। हम ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, जमीयत उलेमा ए हिंद, इमारत शरिया के साथ खड़े हैं।
मुस्लिम समुदाय के पवित्र माह रमजानुल मुबारक महीने के आखरी जुमा की नमाज रांची की सभी मस्जिदों में अपने अपने निर्धारित समय पर अदा कराई गई। रमजानुल मुबारक महीने के बारे में विस्तार से जामा मस्जिद के खतीब मुफ्ती तलहा नदवी, हववारी मस्जिद के खतीब मुफ्ती कमर आलम कासमी, राईन मस्जिद के खतीब मुफ्ती अनवर कासमी ने कहा है कि रमजान का महीना बड़े ही रहमतों और बरकतों का महीना होता है।
इसमें तीन असरे होते हैं। एक असरा रहमत का, दूसरा मगफिरत का और तीसरा आग से खलासी का जो अभी चल रहा है। इस आखरी असरे में कुरान पाक नाजिल हुआ था। इसलिए यह आखरी असरा काफी अहम और महत्वपूर्ण होता है। इसमें एक रात ऐसी होती है जो हजार महीनों से अफ़ज़ल होती है जिसे हम सबे कदर कहते है। साथ ही जकात, सदका, फितरा के बारे में विस्तार से बताया। कहा हर चीज की गंदगी होती है, माल की गंदगी जकात है। आखिर में हम काली पट्टी क्यूं बांधे इस को भी बताया गया।
यहां अदा की गई अलविदा जुमा की नमाज
रांची की जामा मस्जिद में अलविदा जुमा की नमाज मुफ्ती तलहा, हववारी मस्जिद में शहर काज़ी मुफ्ती क़मर आलम कासमी, राईन मस्जिद में मुफ्ती अनवर कासमी, मस्जिद जाफरिया में मौलाना सैयद तहजीबुल हसन रिज़वी, पत्थलकुदवा में मुफ्ती अब्दुल्ला अज़हर, मदीना मस्जिद में कारी अंसारुल्लाह, बड़ी मस्जिद में मुफ्ती इमरान नदवी, मक्का मस्जिद में मौलाना तल्हा नदवी, छोटी मस्जिद में कारी एहसान, इकरा मस्जिद में मौलाना मोहम्मद ने अदा कराई। इसके पूर्व अब्दुल्लाह मस्जिद, डोरंडा वाली मस्जिद, हांडा मस्जिद समेत रांची शहर के सभी मस्जिदों में अलविदा जुमा की नमाज अपने अपने समय पर मजिस्द के पेश इमाम ने अदा कराई।