टीम एबीएन, रांची। झारखंड राज्य खुला विश्विद्यालय के वीसी डॉ प्रो टीएन साहू एवं रजिस्ट्रार डॉ घनश्याम सिंह के द्वारा चयनित चार शिक्षकों को कॉमनवेल्थ एजुकेशनल मीडिया सेंटर फॉर एशिया ने क्षमता निर्माण कार्यशाला में नेतृत्व करने का मौका दिया। यह कार्यशाला कोल (सीओएल) और सेमका (सीईएमसीए) के सहयोग से कोलकाता के नेताजी सुभाष खुला विश्विद्यालय में भारत के पूर्वी और पूर्वोत्तर क्षेत्र में खुला विश्वविद्यालय में स्नातक रोजगार योग्यता ढांचे के विकास पर क्षेत्रीय स्तर की तीन दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गयी थी।
जिसमें कुल चार खुला विश्विद्यालय से 16 प्रतिभागी को शामिल किया गया था, जिसमें झारखंड से जेएसओयू, बिहार से एनओयू, पश्चिम बंगाल से एनएसओयू तथा असम से केकेएचएसओयू को आमंत्रण किया गया था। प्रथम दिन सेमका के निदेशक बी सादराच ने आनलाइन प्लेटफॉर्म पर आकर सभी प्रतिभागीयों का स्वागत किया।
इस तीन दिवसीय कार्यशाला में स्नातक रोजगार योग्यता के लिए संस्थागत प्रभावशीलता को मजबूत करने को प्रमुखता से बल दिया गया। इसमें तकनीकी सत्र के दौरान कौशल अंतर और कौशल अंतर विश्लेषण पर विशेष चर्चा की गयी। 21वीं सदी के नौकरी बाजार में रोजगार योग्य होने के लिए कोर और सॉफ्ट कौशल की पहचान करने पर जोर दिया गया। तीसरा और आखिरी दिन में शामिल हुए इन चार संस्थानों के लिए स्नातक रोजगार योग्यता ढांचे की प्रस्तुति करवायी गयी, जिसमें वर्ष भर का पूरा गतिविधि का खाका शामिल करना था।
बतौर मुख्य अतिथि यूजीसी के उप सचिव कर्नल विनोद सिंह यादव ने अपने संबोधन में प्रतिभागियों का मनोबल बढ़ाते हुए नयी शिक्षा निति और भारत में ओडीएल उच्च शिक्षा संस्थानों के पायलट मामले के बारे में चर्चा की। इस पूरे तीन दिवसीय सत्र में समन्वयक के तौर पर प्रो निलेश मोदी, प्रो अनिरबन घोष और डॉ पापिया उपाध्याय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। साथ ही एनएसओयू के वाइस चांसलर इंद्रजीत लाहिरी, रजिस्ट्रार अनन्या मित्रा समेत विश्वविद्यालय के अन्य स्टाफ शामिल रहे।